पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

सुहैल मलिक समेत 6 आरोपी गिरफ्तार

पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

Gang involved in spying for Pakistan busted in Ghaziabad

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह के छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार ये आरोपी भारत के विभिन्न शहरों के संवेदनशील सैन्य और रणनीतिक स्थलों की तस्वीरें, वीडियो और लोकेशन पाकिस्तान भेज रहे थे।

गिरफ्तार आरोपियों में सुहैल मलिक, प्रवीण, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि, ऋतिक गंगवार और इरम उर्फ माहक शामिल हैं। पुलिस ने पहले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनसे मिली जानकारी के आधार पर छठी आरोपी इरम को पकड़ा गया। सभी आरोपियों को शनिवार (14 मार्च) शाम अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस जांच के अनुसार आरोपी दिल्ली, मुंबई, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और कर्नाटक के कई संवेदनशील स्थानों की जानकारी पाकिस्तान भेज रहे थे। इनमें दिल्ली के आर्मी कैंटोनमेंट क्षेत्र, विभिन्न रेलवे स्टेशन, जीआरपी और आरपीएफ की गतिविधियों से जुड़े स्थान, मुंबई के रेलवे स्टेशन, रक्षा प्रतिष्ठान और अन्य महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थान शामिल बताए गए हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि करीब छह महीने पहले सुहैल मलिक ने दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर एक सोलर पावर से चलने वाला कैमरा लगाया था। यह कैमरा सीधे पाकिस्तान में मौजूद एक संपर्क नंबर पर लाइव फीड भेज रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी इस जासूसी के बदले 5,000 से 20,000 रुपये तक की रकम प्राप्त कर रहे थे।

पुलिस ने आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। इन फोन में मिले संपर्क नंबर्स और चैट की जांच की जा रही है ताकि पाकिस्तान में बैठे उनके हैंडलर्स तक पहुंचा जा सके। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों को पाकिस्तान से कुछ पार्सल भी प्राप्त हुए थे, जिनकी भी जांच की जा रही है।

जांच में यह भी पता चला है कि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक सुहैल मलिक था। वह और राज वाल्मीकि पहले दिल्ली में एक-दूसरे को जानते थे और करीब एक वर्ष पहले होटल और ढाबों में साथ काम करते थे। बाद में दोनों ने नौकरी छोड़ दी और सुहैल मेरठ चला गया। आर्थिक तंगी के चलते राज को भी उसने इस जासूसी नेटवर्क में शामिल कर लिया।

इसके बाद धीरे-धीरे प्रवीण, शिवा वाल्मीकि, ऋतिक गंगवार और इरम भी इस नेटवर्क से जुड़ गए। शुरुआत में ये सभी आरोपी फोटो और वीडियो सुहैल को भेजते थे, जिसे वह पाकिस्तान में अपने संपर्कों तक पहुंचाता था। बाद में सभी को सीधे पाकिस्तान में मौजूद हैंडलरों से जोड़ दिया गया और उन्हें एक व्हाट्सऐप समूह में शामिल कर लिया गया।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सुहैल मलिक का पाकिस्तान में बैठे लोगों से संपर्क कैसे स्थापित हुआ और इस नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।

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