गुजरात ATS ने ISIS से जुड़े तीन आतंकियों को दबोचा, देशभर में हमलों की साजिश का खुलासा

ये तीनों आरोपी देश के कई हिस्सों में हमले की साजिश रच रहे थे और हथियारों की सप्लाई में भी शामिल थे। ATS पिछले लगभग एक साल से इनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। ये लोग गुजरात में हथियारों का लेन-देन करने पहुंचे थे उस समय इन्हे दबोच लिया गया।

गुजरात ATS ने ISIS से जुड़े तीन आतंकियों को दबोचा, देशभर में हमलों की साजिश का खुलासा

NIA files chargesheet in ISIS's resin bioterror plot

गुजरात के अहमदाबाद में Anti-Terrorism Squad (ATS) ने रविवार (9 नवंबर) को आतंकी संगठन ISIS से जुड़े तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार ये तीनों आरोपी देश के कई हिस्सों में हमले की साजिश रच रहे थे और हथियारों की सप्लाई में भी शामिल थे। ATS पिछले लगभग एक साल से इनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। ये लोग गुजरात में हथियारों का लेन-देन करने पहुंचे थे उस समय इन्हे दबोच लिया गया।

जांच एजेंसियों के मुताबिक ये तीनों दो अलग-अलग आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हैं और इनसे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इनके टारगेट कौन-कौन से स्थान थे, संपर्क किस-किस से थे और इन्होंने देश में नेटवर्क कैसे बनाया। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल पूछताछ जारी है और संवेदनशील जानकारी को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

यह पहली बार नहीं है जब गुजरात ATS ने इस वर्ष किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल को खत्म किया हो। इससे पहले जुलाई में ATS ने अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े पांच आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इनमें फारदिन शेख, सैफुल्ला कुरैशी, मोहम्मद फ़ैक, और ज़ीशान अली शामिल थे। एक महिला शमा परवीन को बाद में बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था, जिसे इस ऑनलाइन मॉड्यूल की मुख्य संचालकों में से एक बताया गया। यह मॉड्यूल ‘ग़ज़वा-ए-हिंद’ के नाम पर भारत की लोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ हिंसक अभियान का प्रचार करता था और गैर-मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने का काम कर रहा था।

जुलाई की कार्रवाई के दौरान ATS ने ज़ीशान अली के नोएडा स्थित घर से एक सेमी-ऑटोमेटिक पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए थे। यह बरामदगी पूछताछ में सामने आए सुरागों के आधार पर की गई थी। इस ऑपरेशन का नेतृत्व पुलिस इंस्पेक्टर निखिल ब्रह्मभट्ट और पुलिस सब-इंस्पेक्टर ए.आर. चौधरी ने किया था, जबकि इसकी निगरानी DSP विरजीतसिंह परमार कर रहे थे।

नवीनतम गिरफ्तारी के मामले में भी ATS ने UAPA 1967 और भारतीय न्याय संहिता 2023 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि इन मॉड्यूलों के हैंडलर विदेशों से (विशेष रूप से पाकिस्तान और मध्य-पूर्व के संपर्क बिंदुओं) से इनको कैसे निर्देश दे रहे थे। जांच अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर देशव्यापी नेटवर्क और संभावित हमलों की योजना को विस्तार से उजागर किया जाएगा।

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