ग्रेटर नोएडा वेस्ट से एक बेहद सनसनीखेज़ मामला सामने आया है। एक निजी अस्पताल में जन्मी नवजात बच्ची को अवैध रूप से बेचने की साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में अस्पताल की संचालिका समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक नर्स और उसका पति अभी फरार हैं।
घटना नोएडा के नवजीवन अस्पताल की है, जहां पांच दिन पहले एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया था। पुलिस के अनुसार, बच्ची की मां अंजलि ने गरीबी और अस्पताल के बिल का भुगतान न कर पाने के कारण नवजात को वहीं छोड़ दिया। बताया जा रहा है कि उसने अस्पताल संचालिका याशिका गर्ग से बच्ची को रखने का अनुरोध किया और वहां से चली गई।
बच्ची का सौदा करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
निजी अस्पताल में अवैध गोद दिलाने के नाम पर वसूली का खेल
2,60,000 रुपये की मांग का खुलासा
चाइल्ड हेल्पलाइन की सूचना पर एक्शन
👮 थाना AHTU और बिसरख पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
अस्पताल की मालकिन समेत 3 गिरफ्तार#BreakingNews #GreaterNoida… pic.twitter.com/XXnU26fog7— PRIYA RANA (@priyarana3101) March 22, 2026
आरोप है कि इसके बाद याशिका गर्ग ने लालच में आकर बच्ची को बेचने की योजना बनाई। उसने अस्पताल की नर्स पुष्पा को संभावित खरीदार ढूंढने के लिए कहा। पुष्पा ने इस संबंध में जानकारी फैलानी शुरू की, जिसके बाद नोएडा निवासी संगीता ने बच्ची को गोद लेने की इच्छा जताई।
जब संगीता की बातचीत याशिका गर्ग से हुई तो उसे बच्ची को गोद लेने के लिए ₹2.60 लाख देने को कहा गया। इस पर संगीता को पूरे मामले में अवैधता का संदेह हुआ और उसने तत्काल चाइल्डलाइन को इसकी सूचना दी। इसके बाद एनजीओ ने पुलिस को जानकारी दी।
पुलिस को सूचना मिलते ही बिसरख थाने, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की संयुक्त टीम ने पटवाड़ी गांव में जाल बिछाया। शनिवार (21 मार्च ) को तय स्थान पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित बचा लिया और अस्पताल संचालिका याशिका गर्ग, सफाईकर्मी गजेंद्र सिंह और तकनीशियन रंजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक स्कूटर और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है, ताकि बच्ची की मां की स्थिति और पहचान की पुष्टि की जा सके। पुलिस को आशंका है कि महिला अविवाहित हो सकती है, हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। रेस्क्यू की गई बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसे ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-12/22 स्थित साईं कृपा शेल्टर होम में सुरक्षित रखा गया है।
डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि चाइल्डलाइन से सूचना मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं यह कोई बड़ा मानव तस्करी गिरोह तो नहीं है।
गिरफ्तार तीनों आरोपियों को रविवार (22 मार्च) को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं, फरार नर्स पुष्पा और उसके पति की तलाश जारी है, जिन्हें इस पूरे मामले में अहम कड़ी माना जा रहा है।
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