इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कोलकाता (IIM-C) के छात्र पर कथित रेप के गंभीर आरोप के बाद मामला नया मोड़ लेता दिख रहा है। एक युवती द्वारा छात्र पर नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म का आरोप लगाए जाने के बाद शनिवार को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि उसी दिन शाम को पीड़िता के पिता ने रेप की बात से इनकार किया, जबकि आरोपी की मां ने अपने बेटे का बचाव करते हुए उसे निर्दोष बताया। इस पूरे मामले में अब निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
क्या है मामला?
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला IIM कोलकाता की छात्रा नहीं है। उसका दावा है कि वह आरोपी छात्र महावीर टोप्पनवर उर्फ परमानंद जैन से मिलने और काउंसलिंग सत्र में भाग लेने के लिए संस्थान के जोका स्थित हॉस्टल गई थी। वहीं, आरोपी ने उसे पिज्जा और पानी दिया, जिसे खाने के बाद वह बेहोशी जैसी हालत में पहुंच गई।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि, “वह दावा कर रही है कि उसने पिज्जा और पानी खाया, जिसके बाद उसे नींद आने लगी। पुलिस जांच कर रही है।” प्राथमिक जांच से यह भी सामने आया है कि महिला ने मुख्य द्वार या बॉयज हॉस्टल में विज़िटर बुक में अपना नाम दर्ज नहीं किया था। आरोपी को 19 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
IIM कोलकाता ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान में कहा, “संस्थान ऐसे किसी भी प्रकार के कृत्य के प्रति शून्य सहिष्णुता रखता है और परिसर में सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह मामला अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है और संस्थान कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहा है।”
पीड़िता के पिता, और आरोपी की माँ ने का इनकार:
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, युवती के पिता ने बलात्कार की बात को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें शुक्रवार (11 जुलाई) रात 9:34 बजे फोन आया, जिसमें बताया गया कि उनकी बेटी ऑटो से गिर गई है और उसे होश नहीं है। इसके बाद पुलिस उसे SSKM अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग में ले गई। उन्होंने मीडिया को बताया कि, “मुझे बताया गया कि मेरी बेटी ऑटो से गिर गई थी और होश खो बैठी थी। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया। रेप जैसी कोई बात नहीं हुई है।” आरोपी की मां ने भी अपने बेटे का बचाव करते हुए कहा, “मेरा बेटा निर्दोष है। वह ऐसा कोई गंदा काम कर ही नहीं सकता। हमें बदनाम करने की साजिश हो रही है।”
पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कोलकाता के पिछले दो घृणास्पद यौन शोषण मामलों की तरह इस बार भी कहा कि, “IIM-C रेप केस को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए और पुलिस को निष्पक्ष जांच करने देना चाहिए।” वहीं केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने कहा कि वह इस मामले को IIM-कोलकाता निदेशक के समक्ष उठाएंगे और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “यह एक संवेदनशील मामला है। बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।”
IIM कोलकाता में सामने आए इस कथित दुष्कर्म मामले में फिलहाल तस्वीर स्पष्ट नहीं है। शिकायतकर्ता की ओर से जहां गंभीर आरोप लगाए गए हैं, वहीं परिवार और आरोपी पक्ष के इनकार के चलते जांच पेचीदा हो गई है। ऐसे में यह बेहद आवश्यक है कि पुलिस स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से सभी पहलुओं की जांच करे, जिससे सच सामने आ सके और किसी निर्दोष को सजा न हो, लेकिन दोषी भी ना बच सके।
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