राजधानी दिल्ली को नया पुलिस कमिश्नर मिल गया है। 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी सतीश गोलचा को दिल्ली पुलिस का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले की घटना के अगले ही दिन पुलिस नेतृत्व में यह बड़ा बदलाव किया गया। अब तक यह जिम्मेदारी एडिशनल चार्ज के तौर पर एसबीके सिंह संभाल रहे थे।
एसबीके सिंह को 31 जुलाई को दिल्ली पुलिस कमिश्नर का एडिशनल चार्ज दिया गया था। लेकिन मात्र 21 दिनों के अंदर ही उनसे यह जिम्मेदारी वापस लेकर फुल-टाइम कमिश्नर के रूप में सतीश गोलचा को नियुक्त कर दिया गया। इससे पहले भी 2021 में ऐसी स्थिति बनी थी, जब बालाजी श्रीवास्तव को केवल 29 दिन के लिए एडिशनल चार्ज मिला था और फिर राकेश अस्थाना को फुल-टाइम कमिश्नर बनाया गया था।
सतीश गोलचा 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम एवं केंद्र शासित प्रदेश) कैडर से संबंध रखते हैं। वे दिल्ली पुलिस में पहले भी कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। उन्होंने डीसीपी, संयुक्त आयुक्त और विशेष आयुक्त (लॉ एंड ऑर्डर एवं इंटेलीजेंस) के रूप में सेवाएं दी हैं। साल 2020 के उत्तर-पूर्व दिल्ली दंगों के दौरान वे स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) थे और उस दौरान उनकी भूमिका बेहद अहम रही थी। इसके अलावा वे अरुणाचल प्रदेश में पुलिस महानिदेशक (DGP) की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर बनाए जाने से पहले गोलचा तिहाड़ जेल के महानिदेशक (DG Prisons) के पद पर कार्यरत थे। अप्रैल 2024 में संजय बेनिवाल के रिटायरमेंट के बाद उन्हें इस पद पर नियुक्त किया गया था। उससे पहले वे दिल्ली पुलिस में विशेष आयुक्त इंटेलीजेंस भी रह चुके हैं।
गोलचा ने अपने करियर में पुलिसिंग के कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण मोर्चों पर काम किया है। दिल्ली पुलिस में विभिन्न रेंज और जिलों में काम करने के अलावा वे कानून-व्यवस्था और इंटेलीजेंस से जुड़े पदों पर भी रहे। सतीश गोलचा की नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में नए पुलिस कमिश्नर के तौर पर उनका कार्यकाल न केवल चुनौतीपूर्ण होगा बल्कि दिल्ली की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी अहम साबित होगा।
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