बिहार पुलिस मुख्यालय ने गुरुवार (28 अगस्त) को पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी किया है। यह कदम उस इंटेलिजेंस इनपुट के बाद उठाया गया, जिसमें पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के तीन संदिग्ध आतंकियों के बिहार में घुसपैठ करने की जानकारी मिली है।
इंटेलिजेंस रिपोर्ट के अनुसार, संदिग्ध आतंकियों की पहचान हसनैन अली (रावलपिंडी) ,आदिल हुसैन (उमरकोट), मोहम्मद उस्मान (बहावलपुर) इस प्रकार हुई है। जानकारी के मुताबिक, ये आतंकी अगस्त के दूसरे हफ्ते में काठमांडू पहुंचे थे और पिछले हफ्ते नेपाल बॉर्डर से बिहार में दाखिल हुए। बिहार पुलिस ने संदिग्धों के पासपोर्ट संबंधी विवरण सभी बॉर्डर जिलों के पुलिस थानों और खुफिया इकाइयों को भेज दिए हैं। पुलिस मुख्यालय ने सीमा से जुड़े जिलों को सख्त चौकसी बरतने, खुफिया निगरानी बढ़ाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बिहार की नेपाल से लगभग 729 किलोमीटर लंबी खुली सीमा लगती है। यह सीमा सात जिलों से होकर गुजरती है और लंबे समय से घुसपैठ व अवैध गतिविधियों के लिए संवेदनशील मानी जाती है। ऐसे में आतंकियों की घुसपैठ की खबर ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
इसी साल मई में ऑपरेशन सिंदूर और आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए सीमांचल जिलों और नेपाल सीमा पर सुरक्षा पहले ही कड़ी की गई थी। सीमावर्ती इलाके मधुबनी, सीतामढ़ी, सुपौल, अररिया, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण में गश्त और चौकसी बढ़ाई गई है।
भारत सात देशों चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, म्यांमार और अफगानिस्तान — से जमीनी सीमा साझा करता है। वहीं, श्रीलंका, मालदीव और इंडोनेशिया से समुद्री सीमाएं लगती हैं। इन सीमाओं पर निगरानी की चुनौतियां लगातार बनी रहती हैं।
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