कल्लू ईमान, इरफ़ान ने मकान मालिक के बेटे का किया अपहरण और हत्या; बॉक्स में बंद मिला शव

40 लाख रुपये की फिरौती के दो घंटे के भीतर पुलिस मुठभेड़ में एक आरोपी ढेर, दूसरा घायल

कल्लू ईमान, इरफ़ान ने मकान मालिक के बेटे का किया अपहरण और हत्या; बॉक्स में बंद मिला शव

Kallu and Irfan kidnapped and murdered the landlord's son; his body was found locked in a box.

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक कारोबारी के 13 वर्षीय बेटे का अपहरण कर हत्या कर दी गई और शव को एक बॉक्स में बंद कर दिया गया। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुठभेड़ में एक आरोपी को मार गिराया, जबकि दूसरे आरोपी को पैर में गोली लगी है। यह कार्रवाई फिरौती की मांग के महज दो घंटे के भीतर की गई। गौरतलब है की दोनों आरोपी पीड़ित के पिता अशोक केसरवानी के किरायदार बताए जा रहें है।

जानकारी के मुताबिक, बरगढ़ थाना क्षेत्र के बरगढ़ बाजार निवासी व्यापारी अशोक केसरवानी के बेटे आयुष केसरवानी का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया था। अपहरण के कुछ ही देर बाद परिजनों से फिरौती की मांग की गई। पुलिस और परिवार लगातार बच्चे की तलाश और आरोपियों से संपर्क में लगे रहे, लेकिन जब फिरौती की रकम नहीं दी गई तो गुरुवार (22 जनवरी) देर रात अपहरणकर्ताओं ने मासूम आयुष की बेरहमी से हत्या कर दी।

तलाशी के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध बंद बॉक्स मिला। जब बॉक्स का ताला तोड़ा गया तो उसके अंदर आयुष का शव बरामद हुआ। इस भयावह दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे बरगढ़ इलाके में आक्रोश और सनसनी फैल गई।

शुक्रवार सुबह पुलिस ने दोनों आरोपियों की घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक, खुद को घिरा देख आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे आरोपी को पैर में गोली लगी। मारे गए आरोपी की पहचान कल्लू उर्फ इमान (लगभग 70 वर्ष) के रूप में हुई है, जो घूरपुर थाना क्षेत्र के करमा इलाके के कटरा चौराहा का निवासी था। पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ के दौरान उसे गोली लगी, जिससे उसकी मौत हो गई।

दूसरे आरोपी की पहचान इरफान अंसारी पुत्र आफताब आलम, निवासी कटरा चौराहा, करमा, घूरपुर थाना क्षेत्र के रूप में हुई है। उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपहरण और हत्या की साजिश से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पूरे मामले को देखते हुए जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

दौरान पिता का यह भी आरोप है की पुलिस को अपहरण की जानकारी त्वरीत तौर पर दी गई थी, लेकीन पुलिस की ओर से देरी की गई, जिसकी क़ीमत मासूम की जान से चुकाई गई।

प्रशासन का कहना है कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और मामले में कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना न सिर्फ जिले बल्कि पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

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