फरीदाबाद के नीमका जिला जेल में बंद 20 वर्षीय संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की रविवार (8 फरवरी) जेल के भीतर ही कश्मीरी कैदी द्वारा हत्या कर दी गई। वारदात ने कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, रहमान पर जेल में ही बंद एक अन्य कैदी अरुण चौधरी ने धारदार वस्तु से हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि घटना सोमवार (9 फरवरी) तड़के करीब 2 बजे सामने आई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अरुण चौधरी ने रहमान पर एक धारदार हथियार से सिर पर वार किया। हमले में रहमान गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। आरोपी पर जम्मू और अमृतसर में पहले से हत्या और हत्या के प्रयास सहित कुल आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसे अक्टूबर 2024 में कठुआ जेल से नीमका जेल स्थानांतरित किया गया था। मामले की जांच जारी है।
वहीं संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले के मिल्कीपुर का रहने वाला था। उसे 2 मार्च, 2025 को गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) और हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के संयुक्त ऑपरेशन में फरीदाबाद के पाली गांव से गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, रहमान ने अयोध्या में राम मंदिर पर हमले की साजिश रची थी। एजेंसियों ने गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से दो हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए गए थे।
इसी बीच फरीदाबाद जेल में कैद रहमान पर रविवार (8 फरवरी) रात करीब 8 बजे हमला किया गया था। जेल अधिकारियों ने बताया कि हमले के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस ने जांच के आदेश दे दिए हैं और जेल की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है।
रहमान की गिरफ्तारी के बाद सामने आया था की रहमान फरीदाबाद में फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। वह ऑटो-रिक्शा चालक के रूप में काम करता था और एक छोटी खाने की दुकान पर भी काम करके स्थानीय समुदाय में खुद को सामान्य नागरिक के रूप में स्थापित कर चुका था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह लंबे समय से रडार पर था और उसके कथित आतंकी नेटवर्क की भी जांच जारी थी।
फिलहाल पुलिस अरुण चौधरी से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि हत्या के पीछे कोई व्यक्तिगत रंजिश थी या इसके अन्य कारण हैं। घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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