30 साल से फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में रहा रही थी मां बेटी, FIR दर्ज

आरोप है कि मां-बेटी ने फर्जी पासपोर्ट के आधार पर कई बार पाकिस्तान और अन्य देशों की यात्रा की। पिता हनीफ अहमद भी कथित रूप से ISI से जुड़ा।

Mother and daughter were living in India for 30 years with the help of fake documents, FIR registered

उत्तर प्रदेश के मेरठ में 14 फरवरी को पुलिस ने एक पाकिस्तानी नागरिक मां-बेटी के खिलाफ लगभग 30 वर्षों तक  फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से रहने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार दोनों पर जालसाजी, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेजों के उपयोग और आपराधिक धमकी से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।

मेरठ पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता रुखसाना की तहरीर पर यह FIR दर्ज की गई। शिकायत में कहा गया है कि सबा मसूद उर्फ नाजी उर्फ नजिया और उनकी बेटी ऐमन फरहत ने भारतीय पहचान पत्र फर्जी तरीके से हासिल किए, जबकि वे पाकिस्तानी नागरिक हैं। आरोप है कि दोनों ने आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और भारतीय पासपोर्ट फर्जी दस्तावेजों के जरिए बनवाए।

SSP अविनाश पांडे ने मीडिया को बताया कि उन्हें दिल्ली गेट क्षेत्र में रहने वाले फरहत मसूद के बारे में सूचना मिली थी। बताया गया कि वह पाकिस्तान गया था, जहां उसने सबा नाम की महिला से विवाह किया। दंपति की एक बेटी ऐमन का जन्म 25 मई 1993 को पाकिस्तान में हुआ। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई कि दोनों के पास वैध भारतीय नागरिकता नहीं है और आरोपों में प्रथम दृष्टया तथ्य पाए जाने पर औपचारिक FIR दर्ज की गई है। विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

FIR में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराएं 318(4), 336(3), 338, 340(2), 351(2) और 352 लगाई गई हैं, जो धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों के उपयोग और आपराधिक धमकी से संबंधित हैं। शिकायत के अनुसार, ऐमन ने पाकिस्तान से अपनी मां के पाकिस्तानी पासपोर्ट पर भारत में प्रवेश किया था, जिसमें उसका नाम और जन्मतिथि स्पष्ट रूप से दर्ज थी। इसके बावजूद दोनों ने कानूनी प्रक्रिया के तहत भारतीय नागरिकता प्राप्त नहीं की।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि ऐमन ने स्थानीय स्तर पर शिक्षा प्राप्त की, जबकि वह पाकिस्तानी नागरिक बनी रहीं और कभी वैध नागरिकता आवेदन पूरा नहीं किया गया। यह भी आरोप है कि ऐमन के लिए भारतीय पासपोर्ट बनवाने हेतु फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। सबा ने कथित रूप से दो अलग-अलग नाम सबा मसूद और नजिया मसूद से अलग-अलग मतदाता पहचान पत्र बनवाए।

FIR में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का भी उल्लेख है। शिकायत में कहा गया है कि सबा का पिता हनीफ अहमद कथित रूप से ISI से जुड़ा है। आरोप है कि मां-बेटी ने फर्जी पासपोर्ट के आधार पर कई बार पाकिस्तान और अन्य देशों की यात्रा की। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि वे अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर दिल्ली के सेना मुख्यालय और अन्य सरकारी कार्यालयों में जाती रहीं।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि जब उन्होंने पहले आपत्ति उठाई तो उन्हें धमकाया गया राजनीतिक प्रभाव तथा पुलिस प्रशासन में संपर्कों का हवाला दिया गया। पुलिस ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच जारी है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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