नासिक शहर में साइबर फ्रॉड की एक बहुत ही चौंकाने वाली और बड़ी घटना सामने आई है। साइबर क्रिमिनल्स ने मुंबई एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (मुंबई ATS) का नाम लेकर एक मशहूर ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के मैनेजर को ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी देकर 89 लाख 99 हजार रुपये ठग लिए। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की जांच की आड़ में इस बड़ी धोखाधड़ी से नासिक में बड़ा हंगामा मच गया है।
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक, स्कैमर्स ने मुंबई ATS ऑफिसर बनकर मैनेजर से संपर्क किया और उसे गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी दी। आरोपियों ने मैनेजर को यह कहकर अपने जाल में फंसाया कि उसका नाम एक इंटरनेशनल आतंकवादी और मनी लॉन्ड्रिंग केस में आया है। आरोपियों ने मैनेजर के आधार कार्ड का इस्तेमाल यह झूठा डर फैलाने के लिए किया कि आतंकवादी आदिल गौरी ने जम्मू में एक फर्जी बैंक अकाउंट खोला है।
17 से 28 अगस्त के बीच घर पर डिजिटल अरेस्ट
इसी डर से गुंडों ने मैनेजर को 17 अगस्त से 28 अगस्त के बीच उनके ही घर पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा। फिर RBI की जांच का डर दिखाकर और कानूनी कार्रवाई से बचाने का लालच देकर, उनसे अलग-अलग बैंक अकाउंट में पैसे जमा करवाए। साइबर क्रिमिनल्स के कहने पर मैनेजर ने अलग-अलग बैंक अकाउंट में 89 लाख 99 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। पैसे जमा होते ही आरोपियों ने रकम को अलग-अलग अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया और मैनेजर के साथ धोखाधड़ी की।
पुलिस जांच जारी
इस तरह की धोखाधड़ी का एहसास होने के बाद, पीड़ित मैनेजर तुरंत पुलिस के पास पहुंचा। फिलहाल, सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर सुशील कोल्हे की देखरेख में इस गंभीर मामले की आगे की जांच तेजी से चल रही है। पुलिस ने नागरिकों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी अनजान कॉल या डिजिटल अरेस्ट की धमकियों से डरे बिना तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
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