राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार (22 जुलाई )को चित्तौड़गढ़ में 2022 में हुए विस्फोटक बरामदगी मामले में मुख्य आरोपी फिरोज खान के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। फिरोज खान इस साल अप्रैल में गिरफ्तार हुआ था, वह पिछले तीन वर्षों से फरार था। एनआईए ने फिरोज पर भारतीय दंड संहिता (IPC), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। ये धाराएं मुख्य आरोप पत्र के साथ-साथ जयपुर स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दायर वर्तमान पूरक आरोप पत्र में शामिल की गई हैं।
मामला आतंकी गतिविधियों और संगठित साजिश से जुड़ा है, जिसमें देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा किया गया था। मामले की जांच अब अंतिम चरण में है और एजेंसी आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार है। अदालत पहले ही फिरोज को भगोड़ा घोषित कर चुकी थी और उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था। आरोपी मध्य प्रदेश के रतलाम जिले का निवासी है।
एनआईए की जांच से पता चला है कि विस्फोटकों और आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने से संबंधित कई सह-आरोपियों के साथ फिरोज ने साजिश रची थी। यह साजिश मार्च 2022 में सामने आई थी। फिरोज ने साजिश संबंधी बैठकों में भाग लिया और सह आरोपी इमरान खान के निर्देश पर आईईडी निर्माण के लिए रासायनिक पदार्थों की खरीदारी की थी।
एनआईए ने इससे पहले सितंबर 2022 में 11 अन्य आरोपियों के खिलाफ इसी केस (RC-18/2022/NIA/DLI) में आरोप पत्र दाखिल किया था। यह केस अप्रैल 2022 में दर्ज हुआ था और नवंबर 2023 में एक पूरक आरोप पत्र भी दाखिल किया गया था।
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