जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में शुक्रवार (7 नवंबर) को सुरक्षा बलों ने एक एंटी-टेरर ऑपरेशन ‘ऑपरेशन पिम्पल’ के तहत दो आतंकवादियों को मार गिराया। यह कार्रवाई किरन सेक्टर में हुई, जहां हाल के दिनों में घुसपैठ के प्रयासों में वृद्धि देखने को मिल रही है। क्षेत्र में अभी भी ऑपरेशन जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या अन्य आतंकवादी भी आसपास छिपे हुए हैं।
भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स ने बयान जारी करते हुए कहा, “7 नवंबर को विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया। सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती दी, जिस पर आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो आतंकवादी ढेर हो गए।” माना जा रहा है कि मारे गए आतंकी सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, उनकी पहचान और संगठन से संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है।
VIDEO | Kupwara, J&K: Security forces neutralised two terrorists today during Operation Pimple in the Keran sector.
The joint operation was launched yesterday, following specific intelligence inputs about an infiltration attempt. Alert troops established contact after spotting… pic.twitter.com/09Cf8IcXqx
— Press Trust of India (@PTI_News) November 8, 2025
इसी सप्ताह किश्तवाड़ जिले के छत्रू क्षेत्र में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ के दौरान एक पैरा ट्रूपर घायल हो गया था। यह मुठभेड़ उस वक्त हुई, जब खुफिया इनपुट मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने कलाबन जंगल क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया था। घायल सैनिक को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
OP PIMPLE, Keran, Kupwara
On 07 Nov 2025, based on specific intelligence input from agencies, regarding infiltration attempt, a joint operation was launched in Keran sector of Kupwara. Alert troops spotted suspicious activity and challenged which resulted in terrorists opening… pic.twitter.com/Yu1nLkPQG6
— Chinar Corps🍁 – Indian Army (@ChinarcorpsIA) November 8, 2025
व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने अपनी आधिकारिक एक्स (X) पोस्ट में बताया कि यह अभियान जम्मू-कश्मीर पुलिस के सहयोग से चलाया गया, और हाल के महीनों में डोडा, किश्तवाड़ और उधमपुर जिलों में ऐसी कई कार्रवाइयाँ की गई हैं।
केवल किश्तवाड़ में पिछले छह महीनों में लगभग आधा दर्जन मुठभेड़ दर्ज की गई हैं।
सेना ने अप्रैल में इसी प्रकार छत्रू क्षेत्र में दो आतंकियों को मार गिराया गया था। 11-12 अगस्त की मुठभेड़ में आतंकी गोलीबारी करके भागने में सफल हुए थे। पिछले वर्ष 13 सितंबर को इसी इलाके में एक JCO सहित दो सैनिक शहीद हुए थे, जबकि दो अन्य घायल हुए थे। यह घटनाएँ बताती हैं कि आतंकवादी गुट ऊँचाई वाले जंगलों और सीमा से सटे इलाकों में अपनी सक्रियता बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।
सुरक्षा बलों ने कुपवाड़ा के सीमावर्ती हिस्सों में तलाशी और निगरानी बढ़ा दी है। सेना का कहना है कि घुसपैठ की हर कोशिश को नाकाम किया जाएगा और प्रदेश में सुरक्षा स्थिति नियंत्रित किया जाएगा। आधिकारिक रूप से मारे गए आतंकियों की पहचान, संगठन और हथियार बरामदगी के बारे में विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद जारी की जाएगी।
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