झारखंड पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) का सुप्रीमो और 15 लाख के इनामी नक्सली मार्टिन केरकेट्टा को मंगलवार (5 अगस्त) देर रात गुमला जिले के कामडारा थाना क्षेत्र में एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। मार्टिन केरकेट्टा बीते दो दशकों से गुमला, खूंटी, सिमडेगा, लोहरदगा और रांची जिले में नक्सली आतंक का पर्याय बन चुका था। उस पर 70 से अधिक हिंसक घटनाओं और लेवी वसूली के मामलों में संलिप्तता थी।
गुमला के पुलिस अधीक्षक हरिश बिन जमा को खुफिया सूचना मिली थी कि मार्टिन अपने हथियारबंद दस्ते के साथ चंगाबाड़ी ऊपरटोली इलाके में एक कारोबारी से रंगदारी वसूली के लिए आया है। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विशेष ऑपरेशन टीम का गठन किया और इलाके की घेराबंदी कर दी।
जैसे ही पुलिस टीम घटनास्थल के करीब पहुंची, मार्टिन और उसके साथियों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मार्टिन मौके पर ही मारा गया। मुठभेड़ स्थल से हथियार भी बरामद किए गए हैं। इस ऑपरेशन में गुमला जिले की एंटी नक्सल क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और दो थाना क्षेत्रों की पुलिस शामिल रही।
मार्टिन केरकेट्टा मूल रूप से कामडारा प्रखंड के रेड़मा गांव का निवासी था। वह PLFI के पूर्व कुख्यात प्रमुख दिनेश गोप का बेहद करीबी था और शुरुआती दिनों से ही संगठन से जुड़ा रहा। दिनेश गोप की नेपाल से गिरफ्तारी के बाद संगठन की कमान मार्टिन को सौंपी गई थी। वह PLFI की केंद्रीय समिति का सदस्य था और इलाके में लेवी वसूली, धमकी और नक्सली हिंसा को संचालित करता था। इससे पहले भी वह दो-तीन बार पुलिस मुठभेड़ों में बाल-बाल बच चुका था।
मुठभेड़ के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस को आशंका है कि मार्टिन के साथ आए अन्य नक्सली अब भी आसपास छिपे हो सकते हैं। एसपी हरिश बिन जमा ने कहा, “गुमला पुलिस की कार्रवाई में 15 लाख का इनामी PLFI सुप्रीमो मार्टिन केरकेट्टा मारा गया है। यह नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता है और इससे क्षेत्र में उग्रवाद की कमर टूटेगी।”
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