पुणे साइबर पुलिस ने एक हाई-टेक इंटरस्टेट गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसने 82 साल के एक सीनियर सिटिज़न से यह झूठा डर दिखाकर 10 करोड़ 74 लाख 65 हज़ार रुपये ऐंठ लिए कि “आपके बैंक अकाउंट का इस्तेमाल किसी गंभीर क्राइम में पैसे लेने के लिए किया गया है। आपको और आपके परिवार को कभी भी अरेस्ट किया जा सकता है।” इस मामले में सोशल मीडिया पर ‘रीलस्टार’ के नाम से मशहूर रोहन रामेश्वर जाधव (उम्र 26, निवासी पिंपल गुरव) को अरेस्ट किया गया है।
आरोपी रोहन जाधव असल में छत्रपति संभाजीनगर का रहने वाला है और उसने ‘B.Sc’ तक पढ़ाई की है। वह सोशल मीडिया पर रील बनाकर फेमस हो रहा था। इस पूरे रैकेट की जांच करते हुए पुलिस ने अब तक 5,436 बैंक अकाउंट में संदिग्ध ट्रांजैक्शन का पता लगाया है और करीब 1 करोड़ 34 लाख रुपये की रकम फ्रीज की है।
CBI ऑफिसर और फर्जी ‘डिजिटल अरेस्ट’
मिली जानकारी के मुताबिक, 23 से 31 जनवरी 2026 के बीच साइबर बदमाशों ने इस सीनियर सिटिज़न के पहचान पत्र का गलत इस्तेमाल करके उनके नाम पर केनरा बैंक में एक फर्जी अकाउंट खोला। इसके बाद आरोपियों ने ‘CBI ऑफिसर’ बनकर सीनियर सिटिज़न से संपर्क किया। उन्होंने ‘डिजिटल अरेस्ट’ की आड़ में उन पर मानसिक दबाव डाला और कहा कि उनके अकाउंट का इस्तेमाल क्रिमिनल ट्रांजैक्शन के लिए किया गया है और इस अकाउंट के खिलाफ 24 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने उन्हें अलग-अलग बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया और इस तरह 10 करोड़ 74 लाख 65 हजार रुपये का गबन कर लिया।
रीलस्टार जंजीरों में जकड़ा
जांच के दौरान पता चला कि 30 जनवरी को एक बैंक अकाउंट में 75 लाख रुपये जमा किए गए थे और उससे तीन दूसरे अकाउंट में 6 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे। साइबर क्राइम पोर्टल, बैंक ट्रांजैक्शन और CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी रोहन जाधव का पता लगाया और उसे पिंपल गुरव से गिरफ्तार कर लिया। इस क्राइम में साइबर पुलिस पहले ही चार लोगों – हर्षद सुभाष धनतोले (उम्र 26), समर्थ देशमुख (उम्र 24), अमर अत्तरगी (उम्र 24) और प्रणव करणसिंह आर्य (उम्र 31, दिल्ली निवासी) को गिरफ्तार कर चुकी है। इस गैंग से जुड़े देशभर में 29 क्राइम सामने आ चुके हैं। फिलहाल, पुणे साइबर पुलिस स्टेशन के सीनियर अधिकारी इस मामले की और डिटेल में जांच कर रहे हैं और पुलिस ने अपील की है कि ऐसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ या फेक कॉल का शिकार न हों, और किसी भी अनजान को बैंक अकाउंट की जानकारी या पैसे न भेजें।
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