उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना तहसील अंतर्गत रतनपुरी थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली एक और वारदात सामने आई है। यहाँ एक मदरसा शिक्षक ने मदरसे को ही अपनी हवस का अड्डा बना लिया। आरोपी शिक्षक ने मदरसे में पढ़ने वाले 13 वर्षीय एक मासूम छात्र के साथ कुकर्म (अप्राकृतिक दुष्कर्म) की घटना को अंजाम दिया। रतनपुरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक कारी करीम मोहम्मद तालिब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, घटना मदरसा महद-ए-रशीद की है। हुसैनबाद भंवरा गांव के निवासी पीड़ित छात्र के पिता ने रतनपुरी थाने में दी अपनी शिकायत में बताया कि उनका 13 वर्षीय बेटा इसी मदरसे में रहकर पढ़ाई करता है।
2 मई की रात को ग्राम कल्याणपुर के रहने वाले आरोपी शिक्षक कारी करीम मोहम्मद तालिब (पुत्र मुस्तकीम उर्फ मुन्ना) ने छात्र को बहला-फुसलाकर मदरसे के ही एक कमरे से दूसरे कमरे में ले गया। वहाँ आरोपी ने मासूम के साथ कुकर्म किया। दरिंदगी करने के बाद आरोपी ने छात्र को डराया-धमकाया और चेतावनी दी कि यदि उसने इस बारे में किसी को भी बताया, तो वह उसे जान से मार डालेगा।
अगले दिन जब पीड़ित छात्र अपने घर पहुँचा, तो वह डरा-सहमा हुआ था। परिजनों के पूछने पर उसने शिक्षक की पूरी काली करतूत बयां कर दी। मासूम की आपबीती सुनकर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई, जिसके बाद वे तुरंत थाने पहुँचे और आरोपी के खिलाफ नामजद तहरीर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। एसपी देहात अक्षय संजय महादिक और सीओ बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 351(3) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 5F/6 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
फरार आरोपी की तलाश में जुटी रतनपुरी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बुढ़ाना-खतौली मार्ग स्थित गोयल कट के पास से घेराबंदी कर कारी करीम मोहम्मद तालिब को गिरफ्तार कर लिया। सीओ बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह ने बताया,”भंवरा गांव के निवासी समीर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके 13 वर्षीय बेटे के साथ गांव के ही कारी मोहम्मद तालिब ने दुष्कर्म किया है। इस मामले में रतनपुरी थाने में सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है।”
पुलिस अब आरोपी के पुराने आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल कर रही है। मदरसे में इस तरह की घटनाओं ने स्थानीय मुसलमानों में गहरा रोष पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि मजहबी शिक्षा के नाम पर इस तरह के कुकृत्य करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
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