नए साल की पूर्व संध्या पर राजस्थान पुलिस ने एक बड़ी संभावित सुरक्षा चुनौती को समय रहते टालते हुए भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की है। टोंक जिले में पुलिस ने एक मारुति सियाज़ कार को रोककर तलाशी ली, जिसमें 150 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, करीब 200 विस्फोटक कारतूस और लगभग 1100 मीटर लंबा सेफ्टी फ्यूज वायर बरामद किया गया। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई टोंक-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 52 पर बरौनी थाना क्षेत्र में की गई। सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि कुछ लोग अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री को बूंदी से टोंक की ओर ले जा रहे हैं। इसी इनपुट के आधार पर सड़क पर नाकाबंदी की गई और संदिग्ध कार को रोका गया।
तलाशी के दौरान पुलिस को उर्वरक के बोरे दिखाई दिए, जिनके भीतर अमोनियम नाइट्रेट छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने बताया कि यूरिया खाद की बोरियों में 150 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट छिपा हुआ मिला। इसके अलावा लगभग 200 खतरनाक एक्सप्लोसिव कार्ट्रिज और सेफ्टी फ्यूज वायर के 6 बंडल, कुल मिलाकर लगभग 1100 मीटर, भी मौके से बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेंद्र पाटवा और सुरेंद्र मोची के रूप में हुई है। दोनों आरोपी बूंदी जिले के करवर गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री कहां ले जाई जा रही थी और इसका उद्देश्य क्या था।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि कहीं यह विस्फोटक सामग्री किसी आतंकी गतिविधि या गंभीर आपराधिक साजिश के लिए तो नहीं लाई जा रही थी। पुलिस ने फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है और कहा है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
अमोनियम नाइट्रेट एक संवेदनशील रसायन है, जिसका उपयोग कृषि और खनन जैसे औद्योगिक कार्यों में किया जाता है, लेकिन इसका दुरुपयोग विस्फोटक तैयार करने में भी किया जा सकता है। यह रसायन अमोनियम नाइट्रेट फ्यूल ऑयल (ANFO) का प्रमुख घटक माना जाता है, जिसका इस्तेमाल दुनिया भर में अवैध विस्फोटों में किया गया है।
गौरतलब है कि 10 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए एक उच्च तीव्रता वाले विस्फोट में भी अमोनियम नाइट्रेट के इस्तेमाल के संकेत मिले थे, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी। उस मामले की जांच में विस्फोट स्थल से अमोनियम नाइट्रेट के अवशेष पाए गए थे।
राजस्थान पुलिस ने इस ताजा बरामदगी को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से संभावित खतरे को टालने में मदद मिली है और राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे भी सख्त निगरानी जारी रहेगी।
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