पुणे ज़िले के इंदापुर तहसील क्षेत्र में सक्रिय कुख्यात अपराधी राजू भाले और उसके गिरोह पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम 1999 (मकोका) के तहत कार्रवाई की गई है। कोल्हापुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुनील फुलारी ने इस गिरोह के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आदेश दिया। यह गिरोह हाल ही में एक हत्या के मामले में मुख्य आरोपित पाया गया था।
फरवरी 2025 में इंदापुर के वालचंदनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज हत्या के मामले में 34 वर्षीय उत्तम जलिंदर जाधव (निवासी – खोरोची) की बेरहमी से हत्या की गई थी। पुलिस के अनुसार, राजू भाले गिरोह को शक था कि जाधव ने उनके प्रतिद्वंद्वी गैंग की मदद की थी। इस हत्या में कुल 13 आरोपित चिन्हित किए गए, जिनमें राजू भाले मुख्य साजिशकर्ता है। इनमें से 10 आरोपित न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि तीन फरार हैं।
मकोका के तहत दर्ज आरोपितों में राजेंद्र उर्फ राजू महादेव भाले (30), रामदास भाले (26), शुभम आतोले (19), स्वप्निल वाघमोडे (25), नाना भाले (28), निरंजन पवार (27), तुकाराम खरात (30), जीजा पाटोले (30), अशोक यादव (30) और धनाजी मसुगडे (38) शामिल हैं। सभी आरोपित इंदापुर तालुका क्षेत्र के रहने वाले और पुलिस रिकॉर्ड में कुख्यात अपराधी हैं। इनके खिलाफ अवैध हथियार रखने, तेजधार हथियारों से हमला कर हत्या की कोशिश, डकैती, लूट, वसूली, गैंग मीटिंग जैसी कई गंभीर धाराओं में मामले पुणे और सोलापुर ग्रामीण पुलिस में दर्ज हैं।
पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के प्रस्ताव पर IG सुनील फुलारी ने इस पूरे गिरोह को मकोका के तहत चार्ज करने का निर्णय लिया। कानूनी जानकारों का कहना है कि मकोका के तहत कार्रवाई होने पर आरोपितों को जमानत मिलना बेहद मुश्किल हो जाता है, सज़ा कड़ी होती है और मुकदमे विशेष अदालतों में तेज़ी से चलाए जाते हैं।
इस कार्रवाई का नेतृत्व पुणे ग्रामीण एसपी संदीप सिंह गिल, अतिरिक्त एसपी गणेश बिरादार और उपविभागीय अधिकारी सुधर्शन राठौड़ के मार्गदर्शन में किया गया। पुलिस का मानना है कि यह कदम क्षेत्र में संगठित अपराध को रोकने और अपराधियों में भय पैदा करने के लिए अहम है।
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