टॉलीवुड अभिनेता राणा दग्गुबाती ने शनिवार (15 नवंबर)को हैदराबाद स्थित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) दफ्तर में पेश होकर गैरकानूनी ऑनलाइन बेटिंग ऐप के प्रमोशन से जुड़े मामले में कई घंटे तक पूछताछ का सामना किया। SIT ने उनसे उन प्रमोशनल गतिविधियों पर स्पष्टीकरण मांगा था, जिनमें उनका नाम सामने आया था। पूछताछ के बाद राणा ने कहा कि वे सरकार और एजेंसियों के साथ मिलकर ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग ऐप्स को लेकर सही संदेश फैलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, “हम सही तरीकों से गेमिंग और ऐप्स के बारे में सही संदेश फैलाएंगे। कानूनी प्रक्रिया बाद में पूरी होगी, लेकिन मैं जो भी ज़रूरी होगा, वह करने के लिए यहाँ हूँ।”
यह मामला उस एफआईआर से शुरू हुआ था, जो इस साल की शुरुआत में तेलंगाना पुलिस ने 25 मशहूर हस्तियों और इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ दर्ज की थी। इन पर आरोप है कि उन्होंने गैरकानूनी बेटिंग और जुआ ऐप्स का प्रचार किया, जो पब्लिक गैंबलिंग एक्ट 1867 का उल्लंघन करते हैं। शिकायतकर्ता कारोबारी पीएम फणिन्द्र शर्मा ने आरोप लगाया था कि कई युवा इन सितारों के प्रमोशन से प्रभावित होकर इन ऐप्स में पैसा लगा बैठे और आर्थिक संकट में फंस गए।
एफआईआर में राणा दग्गुबाती, प्रकाश राज, विजय देवरकोंडा, मंजू लक्ष्मी, प्रणीता, निधि अग्रवाल, अनन्या नागल्ला, श्री हनुमंथु, स्रीमुखी और वरshini साउंडराजन सहित कई जानी-मानी हस्तियों के नाम दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार इन प्रमोशनों ने खासकर निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों को भारी आर्थिक नुकसान पहुँचाया है।
SIT की जांच TS Gaming Act और IT Act के प्रावधानों के तहत चल रही है, जिसमें सेक्शन 66(D) जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं, जो धोखाधड़ी और पहचान की चोरी से जुड़े हैं। जांच अधिकारी जी. रमेश नायडू की टीम इन सेलिब्रिटीज़ और बेटिंग प्लेटफॉर्म्स के बीच हुए वित्तीय लेनदेन और प्रमोशनल करारों की पड़ताल कर रही है।
‘बाहुबली’, ‘बाहुबली 2’ और ‘वेट्टैयन’ जैसी फिल्मों में अपनी दमदार भूमिकाओं के लिए पहचाने जाने वाले राणा दग्गुबाती इस पूरे मामले में पूछताछ का सामना करने वाली सबसे चर्चित हस्तियों में से एक हैं, जिससे इस विवाद और उसके प्रभावों पर राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान और बढ़ गया है।
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