लापता लोगों’ को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावों के पीछे पेड कैंपेन का शक; दिल्ली पुलिस का दावा

‘मर्दानी 3’ की रिलीज़ से जोड़कर सवाल उठा रहे नेटिज़न्स

लापता लोगों’ को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावों के पीछे पेड कैंपेन का शक; दिल्ली पुलिस का दावा

Suspicion of a paid campaign behind exaggerated claims regarding 'missing persons'; Delhi Police claims.

दिल्ली में जनवरी के पहले दो हफ्तों में 800 से अधिक लोगों के लापता होने के अफवाहों ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। पीटीआई की एक रिपोर्ट के बाद इस मुद्दे को कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने उठाया और कथित तौर पर इसे इस तरह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया कि राजधानी में भय और दहशत का माहौल बन गया। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने न केवल इन दावों को खारिज किया, बल्कि इसके पीछे पेड प्रमोशन की आशंका भी जताई है। साथ ही, सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इस पूरे शोर-शराबे को बॉलीवुड फिल्म ‘मर्दानी 3’ की रिलीज़ से जोड़कर देख रहे हैं।

5 फरवरी को जारी बयान में IPS संजय त्यागी ने कहा, “दिल्ली में लापता व्यक्तियों, विशेषकर बच्चों को लेकर किसी भी तरह के डर की कोई वजह नहीं है। पिछले वर्षों की तुलना में दिल्ली में लापता मामलों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। बल्कि जनवरी 2026 में, पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में लापता व्यक्तियों की रिपोर्टिंग में कमी आई है।”

उन्होंने आगे कहा, “दिल्ली पुलिस अपराधों की निष्पक्ष और पारदर्शी रिपोर्टिंग की नीति का पालन करती है… सभी मामलों में हम लापता व्यक्तियों को जल्द से जल्द खोजने का प्रयास करते हैं। लापता बच्चों के मामलों में विशेष ध्यान दिया जाता है। हमारे पास समर्पित मिसिंग पर्सन्स स्क्वॉड और क्राइम ब्रांच में एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट्स हैं।”

आईपीएस त्यागी ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस जांच में दिल्ली में लापता बच्चों के मामलों में किसी संगठित गिरोह या समूह की संलिप्तता सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा, “हम आप सभी से अपील करते हैं कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। इसके अलावा, अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

इसके बाद 6 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, “कुछ सुरागों का पीछा करने के बाद हमने पाया कि दिल्ली में लापता लड़कियों की संख्या में उछाल को लेकर बनाया गया हाइप पेड प्रमोशन के जरिए फैलाया जा रहा है।” पुलिस ने चेतावनी दी, “पैसे के लिए डर फैलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

इसी बीच, सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस पूरे मामले के समय को संदिग्ध बताया है। गौर करने वाली बात यह है कि ‘मर्दानी 3’ 30 जनवरी को रिलीज़ हुई थी, उसी दिन पीटीआई ने राजधानी में दो हफ्तों में 800 लोगों के लापता होने से जुड़ी रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह सवाल उठने लगे कि क्या यह बढ़ा-चढ़ाकर किया गया प्रचार फिल्म के प्रमोशन से जुड़ा हो सकता है।

नेटिज़न्स का कहना है कि डर और असुरक्षा का माहौल बनाकर लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश की गई, जिससे जनमानस पर नकारात्मक असर पड़ा। कई यूजर्स ने पेड कैंपेन चलाने वालों और अफवाह फैलाने वाले इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने या झूठी सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें।

यह भी पढ़ें:

अपोजी एयरोस्पेस का ऑस्ट्रेलिया की AAI से ₹3,500 करोड़ का बड़ा रक्षा सौदा

ग़ुरबत क्या नहीं करवाती: हिंदूओं-सिखों से नफ़रत पालने वाले पाकिस्तान में अजय बंगा का रेड कार्पेट स्वागत

भारत-GCC मुक्त व्यापार समझौते की संभावनाएं

Exit mobile version