छात्राओं से छेड़खानी का आरोपी स्वामी चैतन्यानंद आगरा से गिरफ्तार!

छात्राओं से छेड़खानी का आरोपी स्वामी चैतन्यानंद आगरा से गिरफ्तार!

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दिल्ली पुलिस ने छात्राओं से छेड़खानी और यौन शोषण के गंभीर आरोपों में घिरे स्वामी चैतन्यानंद को आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर 17 छात्राओं के उत्पीड़न का आरोप है, जिनमें से अधिकांश आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की छात्रवृत्ति पर पोस्ट-ग्रेजुएट मैनेजमेंट डिप्लोमा कोर्स कर रही थीं। पुलिस ने रविवार को उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की।

मामला 4 अगस्त को सामने आया था, जब भारतीय वायु सेना मुख्यालय से शिकायत दर्ज हुई कि चैतन्यानंद छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करता है। इसके बाद से वह फरार चल रहा था। जांच में पाया गया कि आरोपी छात्राओं को रात में अपने कमरे में बुलाता था और उनकी ग्रेड कम करने या फेल करने की धमकी देकर जबरदस्ती करता था।

पुलिस ने संस्थान की तीन वार्डनों के बयान भी दर्ज किए हैं। आरोप है कि उन्होंने चैतन्यानंद की मदद की और उसके आपत्तिजनक संदेश डिलीट करवाने में सहयोग किया। जांच में लगभग 50 छात्राओं के फोन से व्हॉट्सऐप चैट बरामद हुई हैं, जिनसे पिछले 16 वर्षों से चल रहे यौन शोषण के सबूत मिले हैं। इनमें अश्लील संदेश और जबरन शारीरिक संपर्क की घटनाएं दर्ज हैं।

इसके अलावा, सीसीटीवी फुटेज को डिलीट करने की भी कोशिश की गई थी। पुलिस ने संबंधित डीवीआर को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि चैतन्यानंद पिछले दो दशकों से महिलाओं का शोषण कर रहा था और 2009 व 2016 में भी छेड़खानी के मामलों में वह बच निकला था।

यह मामला तब प्रकाश में आया जब 17 छात्राओं ने अगस्त में डिफेंस कॉलोनी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उस वक्त चैतन्यानंद लंदन में था, लेकिन बाद में उसकी लोकेशन आगरा में ट्रेस की गई। उसने दिल्ली हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दायर की थी, मगर बाद में वापस ले ली।

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ कि उसकी लग्जरी लाल वॉल्वो कार से कई फर्जी नंबर प्लेट बरामद हुईं, जिन पर संयुक्त राष्ट्र (यूएन) का नकली लोगो लगाया गया था। पुलिस ने स्पष्ट किया कि ये नंबर प्लेट्स यूएन द्वारा जारी नहीं की गई थीं, बल्कि आरोपी ने खुद तैयार की थीं। फिलहाल कार को भी जब्त कर लिया गया है। चैतन्यानंद की गिरफ्तारी से पीड़ित छात्राओं और उनके परिवारों ने राहत की सांस ली है। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क और आरोपी के सहयोगियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।

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