मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। बिष्णुपुर जिले में हुए बम हमले में दो छोटे बच्चों की मौत हो गई, जबकि उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई है। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई है और यह संकेत मिल रहा है कि क्षेत्र में हिंसा फिर से सिर उठा रही है। यह घटना 7 अप्रैल की तड़के, संवेदनशील पहाड़ी-घाटी सीमा पर बसे मोइरांग के ट्रोंगलाओबी अवांग लेकाई गांव में हुई।
अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने मंगलवार (7 अप्रैल) को बिष्णुपुर जिले में यह हमला किया। यह घटना तड़के करीब 1 बजे हुई, जब उग्रवादियों द्वारा फेंका गया बम मोइरांग ट्रोंगलाओबी स्थित एक घर पर गिरा। इस हमले में 5 साल के एक बच्चे और 6 महीने की एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि उनकी मां घायल हो गई। घटना के समय तीनों अपने बेडरूम में सो रहे थे, तभी बम फट गया।
ट्रोंगलाओबी गांव चुराचांदपुर जिले की सीमा के पास स्थित है और इसे संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, क्योंकि यहां सशस्त्र समूहों की गतिविधियां होने की आशंका रहती है। गांववालों का दावा है कि इससे पहले आसपास की पहाड़ियों से ऊंचे स्थानों से हमले किए गए थे, जिससे यह संकेत मिलता है कि कई किलोमीटर दूर से लंबी दूरी के हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस हमले के बाद घाटी के जिलों में तनाव काफी बढ़ गया है।
घटना के बाद गुस्साए स्थानीय लोगों ने बिष्णुपुर से चुराचांदपुर जा रहे दो तेल टैंकरों और एक ट्रक को आग लगा दी, ऐसा आरोप है।
सुरक्षा बलों ने इलाके में अपनी तैनाती बढ़ा दी है और पूरे क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है। हमलावरों की तलाश के लिए आसपास के पहाड़ी इलाकों में सर्च ऑपरेशन और निगरानी तेज कर दी गई है। स्थानीय विधायक थोंगम शांति ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और हिंसा से दूर रहने की अपील की है। संभावित अशांति को देखते हुए एहतियात के तौर पर घाटी के कई जिलों में 7 अप्रैल को स्कूल बंद रखे गए।
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