सतर्क रेलकर्मियों को मिला ‘मैन ऑफ द मंथ’ संरक्षा पुरस्कार, संभावित हादसे टाले​!

पश्चिम रेलवे के नौ रेलकर्मी महाप्रबंधक संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित| 

सतर्क रेलकर्मियों को मिला ‘मैन ऑफ द मंथ’ संरक्षा पुरस्कार, संभावित हादसे टाले​!

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पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने मुंबई स्थित पश्चिम रेलवे मुख्यालय में आयोजित समारोह में मई एवं जून 2026 के लिए नौ रेलकर्मियों को “मैन ऑफ द मंथ” संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया। इन कर्मचारियों को उनकी असाधारण सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से संभावित रेल दुर्घटनाओं को टालने तथा सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए सम्मानित किया गया।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सम्मानित कर्मचारियों में मुंबई सेंट्रल, अहमदाबाद और भावनगर मंडलों के दो-दो, जबकि वडोदरा, राजकोट और रतलाम मंडलों के एक-एक कर्मचारी शामिल हैं।

मुंबई सेंट्रल मंडल के ट्रेन मैनेजर सुजीत कुमार को एक एक्सप्रेस ट्रेन के वातानुकूलित कोच से धुआं निकलते देख तत्काल ट्रेन रुकवाने और दोषपूर्ण अल्टरनेटर वी-बेल्ट हटवाकर संभावित दुर्घटना टालने के लिए सम्मानित किया गया। बाद में दोबारा धुआं दिखाई देने पर उन्होंने पुनः ट्रेन रुकवाकर शेष खराब वी-बेल्ट हटवाई और पूरी सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही ट्रेन को रवाना किया।

इसी मंडल के ट्रैफिक इंस्पेक्टर जगेश एम. के. को चर्चगेट स्टेशन पर तकनीकी खराबी के दौरान सूझबूझ का परिचय देने के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने कंट्रोल टॉवर को तत्काल निर्देश देकर गलत मार्ग पर सेट हुए सिग्नल को सामान्य कराया, जिससे ट्रेन को संभावित टकराव या दुर्घटना से पहले ही सुरक्षित रोक लिया गया।

इसके अलावा अन्य मंडलों के कर्मचारियों को रेलवे ट्रैक के पास विस्फोटक सामग्री का पता लगाने, मालगाड़ियों के डिब्बों में गंभीर तकनीकी खामियों की पहचान करने, खुले वैगन ढक्कनों का समय रहते पता लगाने, झुके हुए ओवरहेड उपकरण मास्ट की सूचना देने तथा रेलवे ट्रैक पर गिरे पेड़ों को हटाकर रेल परिचालन सुरक्षित बनाए रखने जैसी उत्कृष्ट सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के लिए सम्मानित किया गया।

पश्चिम रेलवे ने सभी पुरस्कार विजेता कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा, व्यावसायिक दक्षता और संरक्षा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से न केवल संभावित हादसों को टाला जा सका, बल्कि सुरक्षित, सुचारु और विश्वसनीय रेल परिचालन सुनिश्चित करने की रेलवे की प्रतिबद्धता भी और मजबूत हुई है। उनके उत्कृष्ट कार्य अन्य रेल कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

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