पाकिस्तान की भूमिका पर तीखा हमला बोलते हुए, डॉ. रेहान काजमी ने उसे अमेरिका का ‘गुलाम देश’ करार दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी मर्जी से नहीं बल्कि अमेरिका के इशारे पर बीच में आ रहा है, क्योंकि अगर अमेरिका सीधे ईरान के पास बातचीत के लिए जाता तो उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी बेइज्जती होती।
डॉ. काजमी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पाकिस्तान, अमेरिका से पैसे लेकर अपने यहां आतंकवाद को बढ़ावा देता है और वह अमेरिका के इशारे पर काम करता है। साथ ही, पाकिस्तान अशांति फैलाता है।
डॉ. रेहान काजमी ने कहा कि पाकिस्तान इस विवाद में जबरदस्ती शामिल होकर भारत को यह दिखाना चाहता है कि वह ‘विश्व गुरु’ है, लेकिन उसकी असलियत दुनिया से छिपी नहीं है। पाकिस्तान की अपनी कोई स्वतंत्र नीति नहीं है और वह केवल अमेरिका के हितों की पूर्ति कर रहा है।
बता दें कि मिडिल ईस्ट में युद्ध को लेकर इस्लामाबाद में सीजफायर वार्ता चल रही है। इस वार्ता में ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधि शामिल होने के लिए आए हैं। अभी पूरी दुनिया की नजर इस वार्ता से निकलने वाले अंतिम फैसले पर टिकी हुई है, क्योंकि मिडिल ईस्ट युद्ध का असर वैश्विक स्तर पर प्रभाव दिखा है।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम संकेतों से शेयर बाजार मजबूत, सेंसेक्स-निफ्टी उछले!



