बीएमसी प्रशासन को दादर कबूतर खाना ट्रस्ट बोर्ड, यास्मीन भंसाली एंड कंपनी और पशु एवं पक्षी अधिकार कार्यकर्ता पल्लवी पाटिल से आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों में यह सुझाव दिया गया है कि कबूतरों को अनियंत्रित रूप से दाना डालने की बजाय, उन्हें एक निश्चित समय पर और नियंत्रित मात्रा में भोजन उपलब्ध कराया जाए।
बीएमसी ने अब नागरिकों से अपील की है कि वे वेबसाइट पर दिए गए इन आवेदनों की समीक्षा करें और बताएं कि कबूतर खानों में कबूतरों को नियंत्रित तरीके से और एक निश्चित समय पर खाना दिया जाना चाहिए या नहीं और अपनी आपत्तियां या सुझाव प्रस्तुत करें। 18 अगस्त से 29 अगस्त तक लोग अपनी राय बीएमसी को भेज सकते हैं। इसके लिए बाकायदा एक ईमेल आईडी भी जारी किया गया है।
इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति लिखित रूप में अपनी आपत्तियां/सुझाव देना चाहता है, तो वे निर्धारित अवधि में कार्यालयीन दिनों के दौरान ‘कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी, तृतीय तल, एफ दक्षिण प्रभाग कार्यालय भवन, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मार्ग, परेल, मुंबई-400012’ पर जमा करवा सकते हैं।
बता दें कि अगस्त की शुरुआत में मुंबई पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों के लिए दाना डालने के लिए शहर का ऐसा पहला आपराधिक मामला दर्ज किया था। यह मामला अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया गया था।
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