मध्य रेल का रेल जन संवाद कल, यात्रियों की समस्याओं पर चर्चा!

देशभर के 7,000 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर ‘रेल जन संवाद’ आयोजित किया जाएगा। संवाद के बाद उसी दिन स्वच्छता संबंधी गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।

मध्य रेल का रेल जन संवाद कल, यात्रियों की समस्याओं पर चर्चा!

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यात्रियों की समस्याओं को समझने, उनके सुझाव प्राप्त करने और रेलवे सेवाओं में सुधार लाने के उद्देश्य से मध्य रेल 22 अक्टूबर 2026 को ‘रेल जन संवाद’ कार्यक्रम आयोजित करेगा। यह भारतीय रेल की राष्ट्रव्यापी पहल है, जिसे लंबित मामलों के निपटान हेतु विशेष अभियान (SCDPM-6) के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है।

यह अभियान 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक सभी क्षेत्रीय रेलों और रेलवे इकाइयों में चलाया जा रहा है। इसके तहत स्वच्छता, स्थान प्रबंधन, कबाड़ एवं ई-कचरे का निपटान और नागरिक सहभागिता जैसी गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। देशभर के 7,000 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर ‘रेल जन संवाद’ आयोजित किया जाएगा। संवाद के बाद उसी दिन स्वच्छता संबंधी गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।

इस कार्यक्रम की विषयवस्तु ‘जन की आवाज़, युवा की सोच, रेल का समाधान’ रखी गई है। इसके माध्यम से यात्रियों, विशेषकर युवाओं को अपनी समस्याएं, सुझाव और अनुभव सीधे रेलवे अधिकारियों के सामने रखने का अवसर मिलेगा।

मध्य रेल के महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे। वहीं, भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग तथा पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगी।

मध्य रेल के विभिन्न मंडलों में मंडल रेल प्रबंधक, शाखा अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अभियान का नेतृत्व करेंगे। इसके लिए विभिन्न स्टेशनों पर कार्यक्रमों में भाग लेने हेतु 300 से अधिक अधिकारियों को नामित किया गया है।

रेलवे के अनुसार, यात्रियों से प्राप्त शिकायतों और सुझावों को व्यवस्थित रूप से दर्ज कर तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा। अल्पकालिक समस्याओं का तत्काल या कम समय में समाधान करने का प्रयास होगा। मध्यकालिक मामलों में संबंधित विभागों के समन्वय और योजना की जरूरत होगी, जबकि दीर्घकालिक समस्याओं के लिए नीतिगत बदलाव, रणनीतिक योजना या उच्च अधिकारियों की मंजूरी आवश्यक हो सकती है।

मध्य रेल का लक्ष्य इस पहल के जरिए यात्रियों के साथ संवाद मजबूत करना, शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाना और रेलवे सेवाओं को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी तथा नागरिक-केंद्रित बनाना है।

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