पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर सामने आई रिपोर्टों में खुलासा हुआ कि मई 2025 में भारतीय वायुसेना ने हरियाणा के सिरसा के ऊपर एक पाकिस्तानी बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट कर लिया था, जिससे दिल्ली पर संभावित हमले को टाल दिया गया।
एयर कमोडोर रोहित कपिल के नेतृत्व में बाराक-8 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली का उपयोग करते हुए इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। यह घटना भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़े तनाव के दौरान हुई और अब इसे ‘सुदर्शन’ कार्यक्रम के तहत विकसित हो रही बहु-स्तरीय वायु रक्षा रणनीति में एक अहम मोड़ माना जा रहा है।
सिरसा के ऊपर उच्च जोखिम वाला इंटरसेप्शन
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के चरम पर, एक पाकिस्तानी बैलिस्टिक मिसाइल , जिसे फतह-II या शाहीन श्रेणी का माना जा रहा है- को हरियाणा के सिरसा के ऊपर हवा में ही मार गिराया गया, इससे पहले कि वह दिल्ली तक पहुंच पाती। यह ऑपरेशन सिरसा के अग्रिम वायुसेना बेस पर तैनात भारतीय वायुसेना की एक इकाई द्वारा बाराक-8 मिसाइल प्रणाली के जरिए अंजाम दिया गया। घटनास्थल से मिले मलबे और वायरल वीडियो ने इस इंटरसेप्शन की सफलता और टले हुए खतरे की गंभीरता की पुष्टि की।
नेतृत्व और तेज़ निर्णय क्षमता
सिरसा स्थित 45 विंग के एयर ऑफिसर कमांडिंग और अनुभवी Su-30MKI पायलट एयर कमोडोर रोहित कपिल ने इस ऑपरेशन का नेतृत्व किया। उनके तेज़ और सटीक निर्णयों तथा समन्वय के कारण बाराक-8 प्रणाली को समय पर सक्रिय किया गया और आने वाली मिसाइल को नष्ट कर दिया गया। संघर्ष के दौरान रक्षात्मक और आक्रामक दोनों प्रकार की योजना में योगदान के लिए कपिल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया।
विकसित होती वायु रक्षा में बाराक-8 की भूमिका
भारत और इज़राइल द्वारा संयुक्त रूप से विकसित बाराक-8 प्रणाली 360 डिग्री कवरेज के साथ बैलिस्टिक मिसाइलों सहित कई प्रकार के हवाई खतरों को इंटरसेप्ट करने में सक्षम है और इसकी गति मैक 2 तक होती है।
सिरसा में इसकी सफलता ने भारत के एकीकृत वायु रक्षा नेटवर्क की मजबूती को साबित किया है, जिसे सरकार ‘सुदर्शन’ कार्यक्रम के तहत और विस्तार दे रही है। इस बहु-स्तरीय सुरक्षा कवच में S-400, बाराक-8 और स्वदेशी इंटरसेप्टर सिस्टम शामिल किए जा रहे हैं, ताकि शहरों और रणनीतिक ठिकानों को विभिन्न खतरों से सुरक्षित रखा जा सके।
सिरसा इंटरसेप्शन ने दिखाया कि भारत वास्तविक समय में उन्नत मिसाइल खतरों का मुकाबला करने में सक्षम है, जिससे रक्षा खरीद और सैन्य रणनीति पर भी असर पड़ा है। यदि यह इंटरसेप्शन न हुआ होता, तो दिल्ली पर सफल हमला बड़े युद्ध में बदल सकता था और अंतरराष्ट्रीय शक्तियों की भी इसमें भागीदारी हो सकती थी।
आगे की संभावनाओं में एक ओर भारत ‘सुदर्शन’ कार्यक्रम और स्वदेशी मिसाइल विकास को तेज़ कर सकता है, जबकि दूसरी ओर पाकिस्तान अधिक उन्नत और बचाव से बचने वाली तकनीकों को अपनाने की कोशिश कर सकता है, जिससे उपमहाद्वीप में मिसाइल रक्षा की होड़ तेज़ होने की आशंका है।
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