चक्रवात अर्णब से निपटने को एनडीआरएफ अलर्ट, 39 टीमें तैनात!

डीआईजी एसएस सूदन ने बताया कि आंध्र प्रदेश में पिछले दिन से लगातार बारिश हो रही है। विशाखापत्तनम क्षेत्र में 300 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

चक्रवात अर्णब से निपटने को एनडीआरएफ अलर्ट, 39 टीमें तैनात!

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चक्रवात अर्णब के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। एनडीआरएफ के डीआईजी एसएस सूदन ने बताया कि चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

आंध्र प्रदेश में 16 टीमें तैनात की गई हैं, जबकि अलग-अलग राज्यों और पुडुचेरी में कुल 39 टीमें राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैनात हैं। इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमों को भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजने की व्यवस्था की गई है।

डीआईजी एसएस सूदन ने बताया कि आंध्र प्रदेश में पिछले दिन से लगातार बारिश हो रही है। विशाखापत्तनम क्षेत्र में 300 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है। चक्रवात अर्णब को देखते हुए एनडीआरएफ की टीमें अलग-अलग स्थानों पर तैनात हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया जा सके।

विभिन्न राज्यों और पुडुचेरी में तैनात 39 टीमों के अतिरिक्त 10 टीमें संबंधित स्थानों पर रिजर्व रखी गई हैं। इनके अलावा 12 और टीमें तीन अलग-अलग स्थानों पर अतिरिक्त रिजर्व के रूप में तैयार हैं। जरूरत पड़ने पर इन टीमों को हवाई मार्ग से प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ की तैयारियों का उद्देश्य आपात स्थिति में बचाव कार्यों को तेजी से अंजाम देना और प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाना है।

चक्रवात के कारण हुए नुकसान और जनहानि के बारे में जानकारी देते हुए एसएस सूदन ने कहा कि राज्य के एससीओसी से प्राप्त सूचनाओं और उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, आंध्र प्रदेश में अब तक तीन लोगों की मौत की जानकारी मिली है। इसके अलावा, कुछ स्थानों पर बिजली या अन्य खंभे उखड़ने और संचार लाइनों के बाधित होने की सूचना भी सामने आई है।

प्रभावित क्षेत्रों में बाधित संचार व्यवस्था को ठीक करने की प्रक्रिया जारी है। संबंधित एजेंसियों से मिल रही सूचनाओं के आधार पर स्थिति का आकलन किया जा रहा है। एनडीआरएफ की टीमें भी अपने निर्धारित क्षेत्रों में तैनात रहकर जरूरत के अनुसार कार्रवाई के लिए तैयार हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या राहत एवं बचाव कार्यों के लिए अतिरिक्त इकाइयों को तैनात करना पड़ सकता है, डीआईजी एसएस सूदन ने कहा कि यदि संबंधित राज्य सरकारें अतिरिक्त सहायता की मांग करती हैं, तो एनडीआरएफ इसके लिए तैयार है।

उन्होंने बताया कि 12 अतिरिक्त रिजर्व टीमें तीन अलग-अलग स्थानों पर रखी गई हैं। दूरस्थ क्षेत्रों में मौजूद इन टीमों को जरूरत पड़ने पर एयरलिफ्ट करके प्रभावित स्थानों तक पहुंचाया जाएगा। वहीं, 10 रिजर्व टीमें ओडिशा और तमिलनाडु सहित संबंधित स्थानों पर उपलब्ध हैं।

सूदन ने कहा कि चक्रवात की स्थिति और राज्यों की जरूरतों के अनुसार टीमों की तैनाती में बदलाव किया जा सकता है। एनडीआरएफ की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में समय पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करना है।

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