मिठाई पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसकी मात्रा पर नियंत्रण रखना जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, रोजाना ली जाने वाली कुल ऊर्जा में फ्री शुगर की मात्रा 10 प्रतिशत से कम होनी चाहिए।
काजू कतली: त्योहारों में काजू कतली काफी पसंद की जाती है। इसमें काजू के साथ चीनी भी होती है। ऐसे में एक बार में एक छोटा टुकड़ा यानी लगभग 15–20 ग्राम खाना पर्याप्त है। इसे रोजाना खाने के बजाय कभी-कभार ही खाएं।
बेसन के लड्डू: बेसन में प्रोटीन और कुछ फाइबर होता है, लेकिन लड्डू बनाने में घी और चीनी का भी इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए एक छोटा लड्डू या आधा बड़ा लड्डू खाना ठीक रहेगा।
रसगुल्ला: रसगुल्ला छेने से बनता है, लेकिन इसमें चीनी की चाशनी भी काफी होती है। ऐसे में एक छोटा रसगुल्ला खाएं और अतिरिक्त चाशनी को निकाल दें।
गुलाब जामुन: यह मिठाई स्वादिष्ट होने के साथ घी और चीनी से भी भरपूर होती है। इसलिए एक छोटा गुलाब जामुन खाना पर्याप्त है। इसे खाने के बाद दूसरी मीठी चीजें खाने से बचें।
जलेबी: जलेबी को तेल या घी में तलकर चाशनी में डुबोया जाता है। इसमें चीनी और कैलोरी दोनों अधिक हो सकती हैं। ऐसे में एक छोटी जलेबी तक ही सीमित रहना बेहतर है।
खीर: दूध से बनी खीर में कैल्शियम और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व होते हैं, लेकिन चीनी और मेवे डालने से इसकी कैलोरी बढ़ जाती है। त्योहारों में आधी छोटी कटोरी यानी करीब 75-100 ग्राम खीर खा सकते हैं। बेहतर होगा कि इसे कम चीनी में बनाया जाए।
त्योहारों में मिठाई खाने के साथ कुछ छोटी-छोटी आदतें अपनाकर सेहत का ख्याल रखा जा सकता है। सबसे पहले खाली पेट मिठाई खाने से बचें।
