नेपाल में बलेन्द्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार ने शासन सुधार और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए 100 बिंदुओं वाला व्यापक रोडमैप जारी किया है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की अगुवाई वाली इस सरकार ने कैबिनेट की पहली बैठक में इस 20 पन्नों के दस्तावेज़ को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य प्रभावी, पारदर्शी और परिणाम-आधारित शासन सुनिश्चित करना है।सरकार ने इस रोडमैप में 15, 30, 45, 90 और 100 दिनों के स्पष्ट लक्ष्य तय किए हैं, जिनके तहत हर विभाग की जवाबदेही और प्रदर्शन की निगरानी सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा की जाएगी।
रोडमैप के तहत 30 दिनों के भीतर संघीय मंत्रालयों की संख्या घटाकर 17 करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि कामकाज में दोहराव और अक्षमता को खत्म किया जा सके। इसके साथ ही सरकारी संस्थानों में पार्टी से जुड़े ट्रेड यूनियन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया है। सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और प्रोफेसरों को किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि या संबद्धता से दूर रहने का निर्देश दिया गया है। उल्लंघन की स्थिति में सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सरकार ने 15 दिनों के भीतर एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का फैसला किया है, जो पूर्व और वर्तमान वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों की संपत्तियों की जांच करेगी। यह जांच 1991 से लेकर अब तक के महत्वपूर्ण पदों पर रहे लोगों को भी कवर करेगी।
इसके अलावा, पूर्व विशेष अदालत प्रमुख गौरी बहादुर कार्की की अगुवाई वाली जांच आयोग की सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी। इस आयोग की कार्रवाई के तहत पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी हो चुकी है।
छात्र राजनीति ख़त्म
सरकार ने स्कूलों और विश्वविद्यालयों में पार्टी से जुड़े छात्र संगठनों पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इसके स्थान पर 90 दिनों के भीत स्टूडेंट काउंसिल या वॉइस ऑफ स्टूडेंट्स नामक स्वतंत्र निकाय बनाया जाएगा। इसके अलावा, शिक्षा प्रणाली में सुधार के तहत परीक्षा परिणाम समयबद्ध करने और प्राथमिक स्तर पर आंतरिक परीक्षाओं को समाप्त करने जैसे कदम उठाए जाएंगे।
निजी और सरकारी अस्पतालों में गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए 10 प्रतिशत बेड मुफ्त रखने के नियम को सख्ती से लागू किया जाएगा। सरकार ने यह भी घोषणा की है कि 15 दिनों के भीतर ऐतिहासिक अन्याय और भेदभाव को औपचारिक रूप से स्वीकार किया जाएगा और सामाजिक न्याय के लिए नई नीति बनाई जाएगी।
रोडमैप के तहत देशभर में महिलाओं के लिए ब्लू बस सेवा शुरू की जाएगी। पहले 100 दिनों में कम से कम 25 बसों को संचालन में लाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि सुरक्षित और सुलभ परिवहन सुनिश्चित किया जा सके।
सरकार का दावा है कि यह रोडमैप पारंपरिक राजनीतिक व्यवस्था से अलग हटकर परिणाम आधारित शासन की दिशा में बड़ा कदम है। स्पष्ट समयसीमा, जवाबदेही और प्रदर्शन संकेतकों के जरिए सरकार जनता का विश्वास जीतने और ठोस बदलाव लाने की कोशिश कर रही है।
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