श्रीनगर में 55.11 लाख रुपए के प्रॉपर्टी फ्रॉड का एक मामला सामने आया है। इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू), क्राइम ब्रांच जम्मू-कश्मीर ने आरोपी के खिलाफ श्रीनगर की सिटी जज की अदालत में चार्जशीट दाखिल की है।
आलमदार कॉलोनी रावलपोरा (वर्तमान पता: तेंगपोरा बटमालू) के रहने वाले अब्दुल अहद डार के बेटे मेराज-उद-दीन डार ने शिकायतकर्ता से 55.11 लाख रुपए की ठगी की।
आरोपी ने एक रिहायशी मकान बेचने का झांसा देकर पैसे हासिल किए, लेकिन बाद में वह वादों को पूरा करने में विफल रहा। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने हासिल की गई प्रॉपर्टी को अपनी पत्नी के नाम ट्रांसफर या रजिस्टर कर लिया, ताकि कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
शिकायत मिलने के बाद ईओडब्ल्यू ने मामले की गहन जांच की। जांच में यह सामने आया कि आरोपी ने मकान पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया था, जबकि पैसे उसने पहले ही प्राप्त कर लिए थे।
इसके अलावा, यह भी पाया गया कि उक्त प्रॉपर्टी पहले से ही जम्मू-कश्मीर बैंक, भगत ब्रांच ऑफिस, श्रीनगर के पास गिरवी रखी हुई थी। शिकायतकर्ता ने इस प्रॉपर्टी से जुड़ा बकाया हाउसिंग लोन भी चुका दिया था, बावजूद इसके आरोपी ने धोखाधड़ी की।
जांच के निष्कर्ष में ईओडब्ल्यू ने पाया कि आरोपी के ये कृत्य आईपीसी की धारा 420 के तहत एक संज्ञेय अपराध के तहत आते हैं। इस आधार पर न्यायिक निर्णय के लिए सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
ईओडब्ल्यू कश्मीर की कार्रवाई इस बात का उदाहरण है कि कैसे आर्थिक अपराधों की गंभीरता से जांच की जाती है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
इस मामले में 55.11 लाख रुपए की धोखाधड़ी के खुलासे से लोगों में चेतना बढ़ाने और ऐसे अपराधों से सावधान रहने की आवश्यकता भी उजागर हुई है। श्रीनगर की अदालत अब इस मामले में आगे की सुनवाई करेगी और आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
यह भी पढ़ें-
यूपी सरकार में औद्योगिक क्रांति, 9 साल में 17 हजार कारखाने पंजीकृत : प्रमुख सचिव!