आरोपी पर 1.37 करोड़ रुपए और 80,000 यूएस डॉलर (लगभग 67 लाख रुपए अतिरिक्त) की ठगी का आरोप है। यह मामला मीट एक्सपोर्ट बिजनेस के नाम पर निवेश के बहाने धोखाधड़ी से जुड़ा है।
एफआईआर नंबर 137/25 पुलिस स्टेशन क्राइम ब्रांच में दर्ज है, जिसमें धाराएं 318(4)/316/61(2) बीएनएसएस (भारतीय न्याय संहिता) शामिल हैं। शिकायतकर्ता अर्जुन अरोड़ा ने आरोप लगाया कि मोहसिन मोहम्मद ने खुद को दुबई सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मीट एक्सपोर्ट करने वाला बड़ा कारोबारी बताया। आरोपी ने मीट एक्सपोर्ट बिजनेस में भारी मुनाफे का लालच देकर शिकायतकर्ता और अन्य लोगों से निवेश के नाम पर पैसे मांगे।
जांच में पता चला कि आरोपी ने शिकायतकर्ता के पिता के अकाउंट से 67.70 लाख रुपए बैंक ट्रांसफर के जरिए हासिल किए। इसके अलावा, दुबई में अपने साथियों के माध्यम से 80,000 यूएस डॉलर का इंतजाम करवाया गया।
20 फरवरी 2026 को क्राइम ब्रांच को आरोपी के न्यू राजेंद्र नगर में होने की पुख्ता सूचना मिली। एसआई मोहित, एसआई दिनेश, एएसआई दीपक, एचसी पंकज और एचसी अश्विनी की टीम ने सीनियर अधिकारियों के निर्देश पर रेडिंग टीम बनाई। डबल स्टोरी रेजिडेंशियल ब्लॉक में पहुंचकर आरोपी की पहचान कन्फर्म होने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी की सभी औपचारिकताएं सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइंस के अनुसार पूरी की गईं और परिवार को सूचना दी गई।
आरोपी की पिछली संलिप्तता भी सामने आई है। वह एफआईआर नंबर 154/2021 में पहले से आरोपी रहा है। यह दिखाता है कि मोहसिन मोहम्मद लंबे समय से धोखाधड़ी के मामलों में सक्रिय था।
क्राइम ब्रांच की टीम अब अन्य सह-आरोपियों की तलाश और ठगी गई रकम की बरामदगी के लिए जांच आगे बढ़ा रही है। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम ब्रांच) विक्रम सिंह ने इस कार्रवाई को फाइनेंशियल क्राइम से जुड़े जटिल मामलों में पुलिस की लगातार कोशिशों का नतीजा बताया।
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