ओडिशा के कालाहांडी जिले में रविवार को डिविजनल कमेटी मेंबर (DCM) नकुल समेत 11 माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस के अनुसार इन माओवादियों ने AK-47 और INSAS राइफल समेत कई हथियार भी सुरक्षा बलों को सौंप दिए।
पुलिस के मुताबिक, इन माओवादियों ने राज्य के पुलिस महानिदेशक Y B Khurania के सामने आत्मसमर्पण किया। नकुल महाराष्ट्र का रहने वाला है और वह ओडिशा माओवादी राज्य समिति का डिविजनल कमेटी सदस्य था। उस पर 22 लाख रुपये का इनाम घोषित था। बाकी 10 माओवादियों में पांच एरिया कमेटी सदस्य और पांच संगठन के कैडर हैं। इन सभी पर कुल मिलाकर 63.25 लाख रुपये का इनाम था।
आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने 11 हथियार पुलिस को सौंपे। इनमें एक AK-47 राइफल, एक INSAS राइफल, चार सेल्फ-लोडिंग राइफल (SLR), चार सिंगल-शॉट हथियार और एक 12 बोर बंदूक शामिल है। इसके साथ बड़ी मात्रा में गोला-बारूद भी जमा कराया गया।
पुलिस के अनुसार यह समूह माओवादियों के बसधारा-घुमसर-नागाबली डिविजन में सक्रिय था। इस क्षेत्र में कालाहांडी, रायगड़ा और कंधमाल जिलों के कुछ हिस्से आते हैं। नकुल महाराष्ट्र का निवासी है जबकि बाकी सदस्य छत्तीसगढ़ से हैं।
भवानीपटना के रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीजीपी खुरानिया ने कहा कि वरिष्ठ माओवादी नकुल का आत्मसमर्पण इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में वामपंथी उग्रवाद का प्रभाव लगातार कमजोर हो रहा है। उन्होंने बताया कि स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, जिला स्वयंसेवी बल और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों जैसे Central Reserve Police Force और Border Security Force के लगातार अभियानों से माओवादियों के ठिकानों को काफी नुकसान पहुंचा है।
एंटी-नक्सल ऑपरेशन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजीब पांडा ने बताया कि इस आत्मसमर्पण के बाद ओडिशा में सक्रिय सशस्त्र माओवादी कैडरों की संख्या घटकर लगभग 15 रह गई है, जो ज्यादातर कंधमाल के सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित हैं।
सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत इन माओवादियों को कुल 1.23 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा, जिसमें 60 लाख रुपये की अतिरिक्त नकद प्रोत्साहन राशि भी शामिल है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर 2025 में कंधमाल में केंद्रीय समिति सदस्य गणेश उइके के मारे जाने और सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों के बाद माओवादी कैडर काफी हतोत्साहित हो गए हैं।
इस बीच ओडिशा सरकार ने माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। ‘ग्रामोदय’ अभियान के तहत खेल एवं युवा सेवा विभाग 10 माओवादी प्रभावित जिलों के 485 गांवों में खेल सामग्री वितरित करेगा। प्रत्येक गांव को 50,000 रुपये की खेल किट दी जाएगी।
यह योजना बरगढ़, बोलांगीर, बौध, कंधमाल, कालाहांडी, कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर, नुआपाड़ा और रायगड़ा जिलों के गांवों को कवर करेगी।
हर किट में क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल और बैडमिंटन जैसे आउटडोर खेलों के साथ-साथ शतरंज और कैरम जैसे इनडोर खेलों की सामग्री भी होगी। स्थानीय युवा क्लब खेल सामग्री की खरीद करेंगे और जिन गांवों में क्लब नहीं हैं, वहां जिला खेल अधिकारी नए क्लब बनाने में मदद करेंगे।
अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य खेलों को बढ़ावा देना, दूरदराज के इलाकों में छिपी प्रतिभाओं को पहचानना और ग्रामीण युवाओं में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। साथ ही माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास का संदेश देना भी इसका लक्ष्य है।
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