जगन्नाथ रथ यात्रा से पहले एक बड़ी साज़िश नाकाम; 5 आतंकवादी गिरफ्तार

ATS द्वारा कुछ दिन पहले गुजरात और मध्य प्रदेश से आठ आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था

जगन्नाथ रथ यात्रा से पहले एक बड़ी साज़िश नाकाम; 5 आतंकवादी गिरफ्तार

अहमदाबाद समेत पूरे गुजरात में होने वाली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा में सिर्फ़ दो दिन बचे हैं, ऐसे में गुजरात स्पेशल एक्शन फ़ोर्स (ATS) ने सुरक्षा के मामले में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। गुजरात एंटी-टेररिज़्म स्क्वॉड (ATS) ने रविवार (12 जुलाई, 2026) को पाटन ज़िले के सिद्धार्थपुर में कई जगहों पर छापेमारी की और पाँच संदिग्धों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक, यह ऑपरेशन बैन किए गए आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े एक नेटवर्क की जांच के तहत किया गया था।

ATS टीमों ने लोकल पुलिस के साथ मिलकर सिद्धार्थपुर के झांपलीपोल इलाके समेत कई जगहों पर तलाशी ली। जांच के दौरान, एक कटलरी की दुकान पर भी छापा मारा गया, जहाँ एक संदिग्ध के छोटे खिलौनों में इस्तेमाल होने वाली बैटरी खरीदने की खबर मिली। दुकानदार से कई घंटों तक पूछताछ की गई और खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई। उसी इलाके के नूरानी टेलर्स से एक संदिग्ध को भी पूछताछ के लिए ले जाया गया। इसके अलावा, ATS सिद्धपुर तालुका के छतावड़ा गांव में आरोपी मोहम्मद अमीन शेरा के घर पहुंची और मामले से जुड़े दूसरे संभावित लिंक के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए उसके परिवार वालों से पूछताछ की।

आठ आरोपी पहले गिरफ्तार

यह कार्रवाई गुजरात ATS द्वारा कुछ दिन पहले गुजरात और मध्य प्रदेश से आठ आतंकवादियों को गिरफ्तार करने के बाद हुई है। जांच एजेंसी का आरोप है कि ये लोग गुजरात में पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का एक एक्टिव नेटवर्क बनाने की कोशिश कर रहे थे।

उर्दू के खत भी जब्त

ATS के मुताबिक, आरोपियों ने ‘दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद’ नाम का एक संगठन बनाया था और वे पाकिस्तान स्थित हैंडलर अब्दुल्ला और मोहम्मद उमर के संपर्क में थे। एजेंसी का दावा है कि आरोपी संगठन की विचारधारा फैलाने, नए सदस्यों की भर्ती करने और जैश-ए-मोहम्मद की किताबों का गुजराती में अनुवाद करके फंड जुटाने में शामिल थे।

सर्च ऑपरेशन के दौरान डिजिटल मटीरियल, ऑडियो-वीडियो फ़ाइलें, जैश-ए-मोहम्मद का झंडा और संगठन के लीडर मसूद अज़हर के नाम लिखे उर्दू लेटर भी ज़ब्त किए गए। सभी आरोपियों पर अनलॉफुल एक्टिविटीज़ (प्रिवेंशन) एक्ट (UAPA) और इंडियन पीनल कोड (IPC) की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

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