32 C
Mumbai
Thursday, March 5, 2026
होमदेश दुनियामोहब्बत नहीं मौत का जश्न: आज मेरे पिया घर आवेंगे स्टोरी!

मोहब्बत नहीं मौत का जश्न: आज मेरे पिया घर आवेंगे स्टोरी!

आज 700 गानों में अपनी आवाज देने वाले कैलाश खेर किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। सिंगर ने 'अल्लाह के बंदे हंस दे' और 'रब्बा इश्क न होवे' जैसे गानों से पॉपुलैरिटी हासिल की| 

Google News Follow

Related

सूफी से लेकर क्लासिकल संगीत में मोहब्बत और प्यार से सराबोर गाने सुनने को मिल जाते हैं, लेकिन बात जब कैलाश खेर जैसे सिंगर की आती है, तो गाने की हर पंक्ति का अपना वजूद होता है और उनके गाने और आवाज सीधा दिल पर असर करती है।

आज 700 गानों में अपनी आवाज देने वाले कैलाश खेर किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। सिंगर ने ‘अल्लाह के बंदे हंस दे’ और ‘रब्बा इश्क न होवे’ जैसे गानों से पॉपुलैरिटी हासिल की, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिंगर का ‘आज मेरे पिया घर आवेंगे’ रोमांटिक नहीं बल्कि स्पिरिचुअल सॉन्ग है?

शादी-ब्याह में बजने वाले ‘आज मेरे पिया घर आवेंगे’ गाने को लेकर लोगों के बीच धारणा है कि दुल्हन अपने पिया के लिए सज रही है और उनके स्वागत की तैयारी कर रही है, लेकिन ऐसा नहीं है। ये गाना आत्मा और परमात्मा के मिलन को दिखाता है।

गाने की पहली पंक्ति ‘हे री सखी मंगल गाओ री, धरती अंबर सजाओ री, आज उतरेगी पी की सवारी’ का अर्थ है कि एक आत्मा, जो शरीर को त्याग चुकी है, वो अपने परमात्मा यानी अपने ‘पी’ से मिलने के लिए उत्साहित है। आत्मा खुद का ‘शृंगार’ कर रही है, खुद को बुरे कर्मों से मुक्त करती है और अब अपने ‘पी’ से मिलना चाहती है।

कैलाश खेर ने खुद इस बात का खुलासा किया था कि गाना बनाने की प्रेरणा उन्हें मौत से ही मिली थी। उन्होंने खुद बताया था कि 21 नवंबर के दिन मेरे पिता जोर-जोर से हरे राम और भगवान के भजनों को चिल्ला-चिल्ला कर गा रहे थे, जो देखने में नॉर्मल नहीं लग रहा था।

वे अपने भगवान में लीन थे और मुख पर सिर्फ ‘ईश्वर’ का नाम था। मैंने उनसे पूछा कि पिताजी, आप ठीक हैं? लेकिन तभी उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए, लेकिन उनके चेहरे पर एक खुशी और शांति थी, जैसे वे अपने परमात्मा से मिलकर पूर्ण हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि मेरे पिता को अहसास हो चुका है कि वे आज परमात्मा में लीन होने वाले हैं और वे खुश थे, सुकून में थे। पिता की मौत के बाद कैलाश टूट गए थे, क्योंकि उनके पिता ने ही उन्हें संगीत का ज्ञान दिया था। पिता की मौत के दिन भी उन्होंने स्टेज पर लाइव परफॉर्मेंस दी थी, क्योंकि उस वक्त वे अपने करियर के संघर्ष के दौर से गुजर रहे थे।

पिता की मौत के बाद ही आत्मा और परमात्मा के इस रिश्ते को उन्होंने शब्दों के माध्यम से गीत में पिरोकर एक मार्मिक गीत बनाया। सिंगर ने कहा था कि ये गाना उनके लिए बेहद खास है, क्योंकि ये उन्हें उनके पिता की याद दिलाता है।

यह भी पढ़ें-

झारखंड: खरसावां शहादत दिवस पर शहीदों को नमन पहुंचे सीएम हेमंत!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,058फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
297,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें