इसके बाद आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने बताया कि वे प्रतिदिन रामलला के दर्शन के लिए आते हैं और पूजा के समय राम दरबार में भी उपस्थित रहते हैं। सावन माह की शुरुआत होने के कारण उन्होंने आज सबसे पहले कुबेर टीला पहुंचकर भगवान शिव की आराधना की। पुजारी परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान किए।
महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि राम मंदिर में दर्शन व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और मंदिर प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं शांतिपूर्वक संचालित की जा रही हैं। दर्शन, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
उन्होंने सावन माह में होने वाले पारंपरिक धार्मिक आयोजनों की जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर में परंपरा के अनुसार झूला उत्सव भी मनाया जाएगा। रामलला को चांदी के झूले में विराजमान कराया जाएगा और सभी धार्मिक अनुष्ठान परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार ही संपन्न होंगे।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 2 सितंबर को होने वाली बैठक में नए सदस्यों और पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी के नाम नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है। इस संबंध में महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि ट्रस्ट का आधिकारिक निर्णय ही मान्य होगा और सभी फैसले परंपराओं के अनुसार ही लिए जाएंगे।
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