रूस के उफा शहर के एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में हुए चाकू हमले ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। इस हमले में चार भारतीय छात्रों समेत कई लोग घायल हुए हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमला करने वाला 15 वर्षीय किशोर एक प्रतिबंधित न्यू-नाजी संगठन से जुड़ा हुआ था और उसने हमले के दौरान नाजी विचारधारा से जुड़े नारे भी लगाए।
यह घटना उफा स्थित स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी से जुड़े छात्रावास में हुई, जहां किशोर ने चाकू लेकर छात्रों पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हॉस्टल के भीतर अफरा-तफरी और खून से सना दृश्य था, जिसके बाद छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
रूसी सुरक्षा तंत्र से जुड़े माने जाने वाले द बाज़ा चैनल ने दावा किया कि हमलावर न्यू-नाजी संगठन से संबंधित था। चैनल के अनुसार, “वह प्रतिबंधित एनएस/डब्ल्यूपी न्यू-नाजी संगठन से जुड़ा हुआ था। हमले के उन्माद के दौरान वह होलोकॉस्ट को लेकर राष्ट्रवादी नारे लगा रहा था।” चैनल ने एक तस्वीर भी साझा की है, जिसमें कथित तौर पर पीड़ितों के खून से दीवार पर बनाया गया नाजी स्वस्तिक दिखाया गया है। एक अन्य रूसी अखबार इज़वेस्टिया ने भी रिपोर्ट किया है कि किशोर न्यू-नाजी विचारों से प्रभावित था।
न्यू-नाजी संगठन नाज़ीवाद की विचारधारा को पुनर्जीवित और प्रचारित हैं, जो नस्लवाद और घृणा पर आधारित एक चरमपंथी दक्षिणपंथी राजनीतिक सोच है और 20वीं सदी के जर्मनी में एडोल्फ हिटलर और नाज़ी पार्टी से जुड़ी रही है।
इस हमले में चार भारतीय नागरिकों के अलावा अन्य छात्र भी घायल हुए हैं। हमले के दौरान दो पुलिसकर्मी भी चाकू लगने से जख्मी हुए। रूस के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने घटना पर बयान जारी करते हुए कहा, “हमलावर ने गिरफ्तारी का विरोध किया, जिसके दौरान दो पुलिस अधिकारियों को चाकू लगा। इसके अलावा, संदिग्ध ने खुद को भी शारीरिक नुकसान पहुंचाया।” इसके बाद किशोर को हिरासत में ले लिया गया।
भारतीय दूतावास, मॉस्को ने पुष्टि की है कि घायल लोगों में चार भारतीय छात्र शामिल हैं। दूतावास ने कहा कि वह स्थानीय रूसी अधिकारियों के संपर्क में है और सहायता के लिए भारत के कज़ान स्थित वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों को उफा भेजा गया है। बयान के अनुसार, भारतीय छात्रों और उनके परिवारों को हर संभव मदद मुहैया कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
हालांकि, रूसी अधिकारियों ने अब तक इस हमले के पीछे के संभावित मकसद को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है और न ही यह स्पष्ट किया गया है कि हमलावर का पीड़ितों से पहले कोई व्यक्तिगत संबंध था या नहीं।
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