अमेरिका में H-1B वीज़ा धारकों को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। इसी बीच, H-1B वीज़ा धारकों का सबसे बड़ा नियोक्ता Amazon ने अपने कर्मचारियों को विशेष परामर्श जारी किया है। कंपनी ने कहा है,“अगर आपके पास H-1B वीज़ा स्टेटस है और आप अमेरिका में हैं, तो फिलहाल देश में ही रहें।” Amazon की इस चेतावनी नोट में आगे कहा गया कि “H-1B और H-4 वीज़ा धारक 21 सितंबर की आधी रात (EDT) से पहले अमेरिका लौट आएं।” यह परामर्श हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लिए गए सख्त वीज़ा फैसले के बाद आया है।
ट्रंप ने शुक्रवार (19 सितंबर) (लोकल समय) को एक राष्ट्रपति उद्घोषणा (proclamation) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत H-1B वीज़ा आवेदन पर 100,000 डॉलर की भारी फीस लगाई जाएगी। यह नियम 21 सितंबर से प्रभावी होगा और अगले 12 महीनों तक लागू रहेगा।
Amazon से पहले Microsoft और JPMorgan भी अपने H-1B और H-4 वीज़ा धारक कर्मचारियों को चेतावनी दे चुके हैं। Microsoft ने अपने संदेश में कहा,“हम सख्त सिफारिश करते हैं कि H-1B और H-4 वीज़ा धारक कल ही अमेरिका लौट आएं।” वहीं, JPMorgan की बाहरी इमिग्रेशन काउंसिल ने सलाह दी है कि H-1B धारक अमेरिका में ही रहें और आगे के निर्देश आने तक अंतरराष्ट्रीय यात्रा से बचें।
गौरतलब है कि H-1B वीज़ा धारकों में 70% से अधिक भारतीय हैं। Amazon और Microsoft जैसी टेक दिग्गज कंपनियों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रोफेशनल काम करते हैं। ऐसे में यह नया नियम भारतीय आईटी सेक्टर और भारतीय डायस्पोरा को सबसे ज्यादा प्रभावित कर सकता है।
ट्रंप प्रशासन का यह कदम अमेरिका में नौकरी कर रहे विदेशी पेशेवरों के भविष्य पर गहरा असर डाल सकता है। बड़ी टेक कंपनियां फिलहाल अपने कर्मचारियों को सुरक्षित विकल्प अपनाने की सलाह दे रही हैं, लेकिन आने वाले महीनों में यह फैसला भारत-अमेरिका कारोबारी रिश्तों को भी प्रभावित कर सकता है।
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