होली पर अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय का दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय, शासन को लेना चाहिए फैसला : बृजलाल

होली पर अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय का दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय, शासन को लेना चाहिए फैसला : बृजलाल

AMU's decision on Holi is unfortunate, the government should take a decision: Brij Lal

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में हिंदू छात्रों को होली मनाने पर रोक लगाने के बाद सियासत तेज हो गई है। भाजपा के राज्यसभा सांसद बृजलाल ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम युनिवेर्सिटी का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है।

भाजपा के राज्यसभा सांसद बृजलाल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी कोई माइनॉरिटी यूनिवर्सिटी नहीं है, बल्कि यह महाराजा महेंद्र प्रताप सिंह की जमीन पर बनी हुई है। वहां पर होली मनाने की अनुमति नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरा मानना है कि शासन को इस मामले में फैसला लेना चाहिए और वहां के प्रशासन को व्यवस्था करनी चाहिए कि पर्व मनाने से रोका नहीं जा सकता है। एएमयू ने जो किया है, वह गलत है और मैं इसकी निंदा करता हूं।”

उन्होंने संभल के सीओ के बयान पर कहा, “संभल अगर मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि वहां होली मनाने नहीं दी जाएगी। सीओ ने सही कहा कि जुमा तो 52 बार आता है। होली साल में एक बार आती है। होली नहीं मनाने देने की बात दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं इतना ही कहूंगा कि होली मनाई जाएगी और ऐसा करने से कोई रोक नहीं सकता है।”

भाजपा सांसद बृजलाल ने विदेश मंत्री जयशंकर के ‘पीओके’ वाले बयान पर कहा, “विदेश मंत्री जयशंकर ने बिल्कुल सही कहा है कि अगर हम पीओके को भारत में मिला लेंगे, तो कश्मीर समस्या का समाधान हो जाएगा। मुझे लगता है कि यह होकर रहेगा।”

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बता दें कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में हिंदू छात्रों ने होली मनाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें अभी तक इसकी इजाजत नहीं दी गई है।

करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह चौहान ने कहा है कि अगर एएमयू प्रशासन होली मनाने की अनुमति नहीं देता है, तो 10 मार्च को रंग भरनी एकादशी के दिन करणी सेना के कार्यकर्ता खुद एएमयू के अंदर जाकर हिंदू छात्रों के साथ होली खेलेंगे और होली मिलन समारोह का आयोजन करेंगे। उन्होंने कहा कि हिंदू-मुस्लिम छात्रों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है।

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