बांग्लादेश: सांप्रदायिक हिंसा का एक और मामला, नरसिंदी में हिंदू युवक की संदिग्ध तरीके से जलकर मौत

बांग्लादेश: सांप्रदायिक हिंसा का एक और मामला, नरसिंदी में हिंदू युवक की संदिग्ध तरीके से जलकर मौत

Bangladesh: Another case of communal violence; a Hindu youth dies under suspicious circumstances in Narsingdi.

बांग्लादेश के नरसिंदी जिले में 25 वर्षीय हिंदू युवक चंचल भौमिक की संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार (23 जनवरी )रात की है, चंचल एक गैराज में सो रहा था और गैराज को अचानक आग लग गई। सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध गतिविधि सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। बांग्लादेश में लगातार हिंदू अल्पसंख्यंकों की मौत के चलते चिंता गहराई है।

नरसिंदी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अब्दुल्ला अल फारूक ने फोन पर एएनआई को बताया कि आग दुकान के अंदर से शुरू हुई थी। उन्होंने कहा, “हमने सीसीटीवी कैमरों से फुटेज इकट्ठा की है और उसमें एक व्यक्ति के इधर-उधर घूमने का दृश्य दिखाई देता है। हम जांच कर रहे हैं कि आग किसी बाहरी कारण से लगी या फिर यह बिजली की खराबी का मामला था।” एसपी ने यह भी बताया कि दमकल कर्मियों ने शटर तोड़कर युवक को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसका शरीर पूरी तरह झुलस चुका था। उन्होंने कहा, “हम अभी हर पहलू से जांच कर रहे हैं और फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।”

यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है, जब बांग्लादेश की सुरक्षा स्थिति बेहद अस्थिर बनी हुई है। 12 फरवरी 2026 को होने वाले राष्ट्रीय संसदीय चुनावों से पहले अवामी लीग पर प्रतिबंध, राजनीतिक उथल-पुथल और बढ़ते सांप्रदायिक तनाव ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानवाधिकार संगठनों और विभिन्न एजेंसियों की रिपोर्टों के अनुसार, अगस्त 2024 में मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद से धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ लक्षित हिंसा की घटनाओं में तेज वृद्धि हुई है।

इस बीच, निर्वासित बांग्लादेशी नेतृत्व की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। अगस्त 2024 में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद भारत आने के बाद, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पहली बार एक सार्वजनिक संबोधन में अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश आतंक के युग में धकेल दिया गया है और बांग्लादेश की जमीन और संसाधनों को विदेशी हितों के हवाले करने की एक देशद्रोही साजिश चल रही है। शेख हसीना ने लोगों से यूनुस शासन को उखाड़ फेंकने की अपील की है।

एक पूर्व-रिकॉर्डेड ऑडियो संदेश में शेख हसीना ने कहा, “बांग्लादेश आज खाई के किनारे खड़ा है—एक ऐसा राष्ट्र जो लहूलुहान है और अपने इतिहास के सबसे खतरनाक दौर से गुजर रहा है। राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के नेतृत्व में हुए महान मुक्ति संग्राम से प्राप्त मातृभूमि आज चरमपंथी सांप्रदायिक ताकतों और विदेशी तत्वों के हमलों से तबाह हो रही है। हमारा शांत और उपजाऊ देश अब खून से सना हुआ परिदृश्य बन चुका है। सच यह है कि पूरा देश एक विशाल जेल, एक मृत्यु-घाटी बन गया है।”

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे पर चिंता बढ़ रही है। जनवरी में लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर पर सैकड़ों लोगों ने अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ प्रदर्शन किया। बांग्लादेश हिंदू एसोसिएशन और अन्य संगठनों के अनुसार, दिसंबर में ही कम से कम 51 हिंसक घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें हत्याएं, लूट, आगजनी, झूठे आरोपों में गिरफ्तारी और हमले शामिल हैं।

भारत के विदेश मंत्रालय ने भी बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या पर गंभीर चिंता जताई है। मंत्रालय ने कहा कि स्वतंत्र आकलनों में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान अल्पसंख्यकों के खिलाफ 2,900 से अधिक हिंसक घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें हत्याएं, आगजनी और जमीन हड़पने के मामले शामिल हैं।

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