वर्ष 2024 में बांग्लादेश में हिंदू पुलिस अधिकारी की हत्या करने वाला बांग्लादेशी मुस्लिम जिहादी अहमद रज़ा हसन मेहदी को भारतीय अधिकारियों ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया। वह भारत के जरिए यूरोप के पुर्तगाल लिए अंतरराष्ट्रीय विमान पकड़ने की कोशिश कर रहा था। दौरान पूछताछ और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे वापस बांग्लादेश डिपोर्ट कर दिया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इमिग्रेशन अधिकारियों ने मेहदी को उसकी फ्लाइट से पहले ही रोक लिया। आवश्यक जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारतीय अधिकारियों ने उसे बांग्लादेश भेजने का निर्णय लिया।
🚨 🇧🇩 The biggest terrorist in #Bangladesh, who has personally confessed to burning alive a #Hindu police officer named SI Santosh with his own hands.
He is now located in #India and is also trying to flee to Europe, especially Finland. How did he enter India? @pavanbadhe pic.twitter.com/0fVv6iKP2M
— Bangladeshi Hindus Community🚨🇧🇩 (@Hindubd49346) February 17, 2026
मेहदी बांग्लादेश के हबीगंज ज़िले का ‘स्टूडेंट को ऑर्डिनेटर’ है। उसने 5 अगस्त 2024 को बनीयाचंग पुलिस स्टेशन में भीड़ के जरिए हिंसा कर सब-इंस्पेक्टर संतोष चौधरी की हत्या करवाई थी है। घटना को उसी दिन अंजाम दिया गया था जब बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल चरम पर थी।
🚨 Mahdi Hasan, ki-ller of Hindu police officer Santosh Saha returned to Bangladesh after being deported from India. Interestingly, although in New Delhi he was seen with his "wife", he returned to Dhaka alone. What happened to the "wife". Was she just a paper wife of a… pic.twitter.com/xJiOIyvk9R
— Salah Uddin Shoaib Choudhury (@salah_shoaib) February 18, 2026
उसी दिन बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से बेदखल कर दिया गया था। उसी दौर में बांग्लादेश में मुस्लिम जिहादी भीड़ द्वारा हिंसा, आगजनी और विशेष रूप से हिंदूओं पर निर्दयता के साथ हमले किए जा रहे थे। कई मंदिरों में भी तोड़फोड़ की गई थी।
Ahmad Reza Hasan is a self confessed killer of the Hindu police officer Santosh babu in habiganj district in Bangladesh, right after Hasina fled the country (I had shared images of that gruesome k!lling).
Now this k!ller is in New Delhi, India, most likely staying in a hotel… pic.twitter.com/qoXHXC9nQV
— Monidipa Bose – Dey (মণিদীপা) (@monidipadey) February 18, 2026
बनीयाचंग क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पों के बाद पुलिस फायरिंग में नौ लोगों की मौत हुई थी। इसी पृष्ठभूमि में भीड़ ने पुलिस स्टेशन को निशाना बनाया गया, जहां हसन मेहदी ने SI संतोष चौधरी की हत्या कर दी गई।
SI संतोष चौधरी का खून कर शव पेड़ से लटकाया गया था, जिससे पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। उनकी शादी को उस समय केवल 10 महीने हुए थे। उनकी मृत्यु के तीन महीने बाद उनके बेटे का जन्म हुआ। वह अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। वहीं 2024 में मेहदी ने बांग्लादेश के एक पुलिस स्टेशन के भीतर बैठकर चौधरी की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
I said this before, #India does not have any dependable policy for #VISA approval, not at least for #Bangladesh. A criminal-student leader of 2024, who killed a Hindu police officer in 2024 and looted police station, reportedly visited Delhi for visa interview to Finland. Check… pic.twitter.com/roUVwc6s09
— Pratim Ranjan Bose (@pratimbose) February 18, 2026
इसी बीच दिल्ली एयरपोर्ट पर रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में मेहदी ने दावा किया कि उसे लगभग 40 मिनट तक पुलिस हिरासत में रखा गया और उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया। उसने कहा, “मुझे 40 मिनट तक पुलिस हिरासत में रखा गया। मेरे साथ बुरा व्यवहार किया गया और पुलिस मुझे जेल में डालना चाहती थी। मैंने उनसे कहा कि यदि मैंने कोई अवैध काम किया है तो मुझे दूतावास से बात करने की अनुमति दी जानी चाहिए। लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया। मैं अब सुरक्षित हूं। पुलिस ने मेरा फोन अनलॉक किया और उसकी जांच की। घर लौटने के बाद मैं कार्रवाई करूंगा।”
उसके इन आरोपों पर अब तक किसी भी भारतीय प्राधिकरण की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भारतीय एजेंसियों ने केवल इतना सुनिश्चित किया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे बांग्लादेश वापस भेज दिया जाए।
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