चीन की आबादी चौथे वर्ष भी घटी, जन्म दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर

सरकार से प्रोत्साहन भी बेअसर

चीन की आबादी चौथे वर्ष भी घटी, जन्म दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर

China's population declined for the fourth consecutive year, with the birth rate reaching a record low.

चीन की जनसंख्या 2025 में लगातार चौथे वर्ष घटी है। सोमवार (19 जनवरी) को जारी आधिकारिक सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश की कुल आबादी घटकर 1.404 अरब रह गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 30 लाख कम है। इसके बावजूद चीन दुनिया का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश बना हुआ है। नए आंकड़े यह संकेत देते हैं कि जन्म दर बढ़ाने के लिए किए जा रहे सरकारी प्रयास अब तक अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाए हैं।

आंकड़ों के अनुसार, 2025 में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या 79.2 लाख रही है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 16.2 लाख या 17 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। 2024 के जन्म दर में जो मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, वह टिक नहीं सकी। इससे पहले 2017 से 2023 तक लगातार सात वर्षों तक जन्म दर में गिरावट देखी गई थी।

दरअसल लिहाज से भी 2025 ऐतिहासिक रूप से सबसे निचले स्तर पर रहा की इस वर्ष जन्म दर 5.63 प्रति हजार जनसंख्या दर्ज की गई, जो अब तक का सबसे कम आंकड़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह रुझान चीन के सामने गहराते जनसांख्यिकीय संकट को दिखा रहा है।

बढ़ता आर्थिक और सामाजिक दबाव

विश्लेषकों का कहना है कि चीन में परिवार बच्चों की परवरिश से जुड़े बढ़ते खर्च और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी सामाजिक माहौल को लेकर चिंतित कर रहें है। आर्थिक मंदी के दौर में घरेलू बजट पर दबाव और बढ़ गया है, जिससे कई दंपति बच्चे पैदा करने से बच रहे हैं। चीन, एशिया के कई अन्य देशों की तरह, लगातार गिरती प्रजनन दर का सामना कर रहा है।

सरकार ने आखिरी बार 2020 में आधिकारिक प्रजनन दर 1.3 जारी की थी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि वर्तमान में यह दर लगभग 1 के आसपास है, जो जनसंख्या को स्थिर बनाए रखने के लिए आवश्यक 2.1 के स्तर से काफी नीचे है।

दशकों तक लागू रही वन चाइल्ड पॉलिसी को 2015 में समाप्त करते हुए दो बच्चों की अनुमति दी गई थी। बाद में, बढ़ती जनसांख्यिकीय चुनौतियों को देखते हुए 2021 में तीन बच्चों की अनुमति दी गई। इसके बावजूद, इन नीतिगत बदलावों का जन्म दर पर सीमित प्रभाव ही पड़ा है।

जुलाई 2025 में चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने परिवारों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति बच्चे 3,600 युआन (लगभग 500 अमेरिकी डॉलर) की नकद सब्सिडी की घोषणा की थी। हालांकि, अब तक इससे कोई उल्लेखनीय सुधार दर्ज नहीं हुआ है।

सरकार ने प्रोत्साहनों के साथ-साथ कुछ कर संबंधी कदम भी उठाए हैं। 1 जनवरी 2025 से कंडोम सहित गर्भनिरोधकों को वैट छूट सूची से हटा दिया गया, जिसके बाद इन पर 13 प्रतिशत कर लागू हो गया। वहीं, बच्चों की देखभाल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किंडरगार्टन, डे-केयर और मैरिजमेकिंग सेवाओं को कर छूट सूची में शामिल किया गया है।

चीन कई दशकों तक दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश रहा, लेकिन 2023 में भारत ने उसे पीछे छोड़ दिया। मौजूदा आंकड़े संकेत देते हैं कि यदि जन्म दर में ठोस सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले वर्षों में चीन को श्रमबल, आर्थिक वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी और गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

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