बुधवार रात ईद-ए-मिलाद के जुलूस के दौरान मुंबई के लालबाग-परेल और चिंचपोकली इलाकों में दो ग्रुप में झड़प हो गई। यह घटना तब हुई जब भोईवाड़ा पुलिस की सीमा में नाकाबंदी की गई थी। इस घटना में कुछ पुलिसवाले भी घायल हुए हैं और पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
जानकारी के मुताबिक, तकिया मस्जिद इलाके से कुछ टू-व्हीलर सवार तेज हॉर्न बजा रहे थे। स्थानीय लोगों के इस पर एतराज जताने पर दोनों पक्षों में बहस हो गई। इसके बाद पुलिस ने बीच-बचाव कर हालात शांत करने की कोशिश की। हालांकि, कुछ देर बाद फिर से तनाव पैदा हो गया। इस बीच, डॉ. बी. ए. रोड पर परेल वर्कशॉप के सामने यह घटना रात करीब 11.45 बजे से 12.20 बजे तक चलती रही। नाकाबंदी के दौरान तेज हॉर्न और मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल करने वाले टू-व्हीलर सवारों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी। इस समय, करीब 50 से 60 टू-व्हीलर सवार कुछ दूर तक आगे बढ़ गए और ट्रैफिक में रुकावट डाली। नारेबाजी शुरू होने के बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
इसके बाद, लक्ष्मी कॉटेज इलाके के करीब 30 से 40 युवक सड़क पर आ गए। दोनों ग्रुप्स के बीच कहासुनी के बाद बहस हिंसक हो गई। आरोप है कि दोनों पक्षों ने झंडे वाले डंडों से मारपीट की। खबर है कि कुछ लोग घायल हुए, और भीड़ को अलग करने गए कुछ पुलिसवाले भी घायल हो गए।
इस मामले में, भोईवाड़ा पुलिस ने रेहान मसूद सैयद (19), आदिल खान अहमद खान (19) और मिराज मोहम्मद फिरोज रईस (18) के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसके अलावा, भीड़ में शामिल दूसरे अनजान लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के साथ इंडियन पीनल कोड की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस के दखल के बाद हालात काबू में आ गए हैं और फिलहाल इलाके में शांति है। एहतियात के तौर पर लालबाग, परेल और चिंचपोकली इलाकों में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
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