“मोजतबा को सर्वोच्च नेता मत बनाओ!” अली खामेनेई ने वसीयत में ऐसा क्यों लिखा था?

“मोजतबा को सर्वोच्च नेता मत बनाओ!” अली खामेनेई ने वसीयत में ऐसा क्यों लिखा था?

"Don't make Mojtaba the Supreme Leader!" Why did Ali Khamenei write this in his will?

अयातोल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई ईरान के नए सर्वोच्च नेता के रूप में सामने आए हैं। लेकिन अब एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि खामेनेई ने अपनी वसीयत में कभी भी अपने बेटे को इस पद के लिए नामित नहीं किया था, बल्कि उनका नाम जानबूझकर शामिल नहीं किया गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका के हमले में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने अपनी वसीयत में स्पष्ट लिखा था कि उनका बेटा उनके बाद सर्वोच्च पद संभालना नहीं चाहता। हालांकि, बाद में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने मोजतबा को इस पद पर आने के लिए मजबूर कर दिया। ईरानी खुफिया नेटवर्क से जुड़े विपक्षी समूह नॅशनल यूनियन फॉर डेमोक्रेसी इन ईरान के रिसर्च डायरेक्टर ख़ुसरो इस्फ़हानी के अनुसार, खामेनेई ने अपनी वसीयत में साफ कहा था कि मोजतबा को उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया जाना चाहिए। इस्फहानी ने यह भी कहा कि मोजतबा की पहचान मुख्य रूप से उनके पिता के नाम से ही जुड़ी है।

आमतौर पर ईरान में सर्वोच्च नेता का चयन इस्लामी विशेषज्ञों की सभा द्वारा किया जाता है। लेकिन इस्फहानी के मुताबिक, इस बार इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। पिछले सप्ताह जब संसद में इस मुद्दे पर चर्चा चल रही थी, तब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने दबाव बनाया और अंततः यह फैसला कराया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा को परिषद में बहुमत भी नहीं मिला था। IRGC के दबाव के कारण कई धार्मिक नेताओं ने उस सत्र का बहिष्कार कर दिया, जिसमें उत्तराधिकारी की औपचारिक घोषणा की गई। इस्फहानी का दावा है कि शक्तिशाली सैन्य संगठन मोजतबा को ऐसा व्यक्ति मानता है जिसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उन्हें एक “कठपुतली” की तरह देखा जाता है, जिस पर वे अपनी इच्छानुसार प्रभाव डाल सकते हैं।

56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई को 8 मार्च को ईरान का सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया। उनके पिता अली खामेनेई ने लगभग 37 वर्षों तक देश का नेतृत्व किया था। रिपोर्टों के अनुसार, नए सर्वोच्च नेता का Iइस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के साथ गहरा संबंध है, जो ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य और आर्थिक संस्थाओं में से एक मानी जाती है।

मोजतबा के सर्वोच्च नेता बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने चेतावनी दी कि वे इस स्थिति पर चुप नहीं बैठेंगे। साथ ही उन्होंने ईरान द्वारा अली खामेनेई के बेटे को नया नेता बनाए जाने पर कड़ी नाराज़गी भी जताई है।

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