मेक्सिको के कुख्यात ड्रग सरगना एल मेन्चो की रविवार (22 फरवरी) को पश्चिमी मेक्सिको में एक सैन्य अभियान के दौरान मौत हो गई। वह शक्तिशाली जेलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का प्रमुख था। अधिकारियों के अनुसार, सैन्य कार्रवाई के दौरान उसे पकड़ लिया गया था, लेकिन मुठभेड़ में घायल होने के बाद इलाज के लिए ले जाते समय उसकी मृत्यु हो गई। इस अभियान में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का भी सहयोग बताया गया है।
एल मेन्चो की मौत को हाल के वर्षों में संगठित अपराध के खिलाफ मेक्सिको की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी पर अमेरिका ने 1.5 करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया था, जिससे वह दुनिया के सबसे वांछित अपराधियों में शामिल था।
एल मेंचो का असली नाम नेमेसियो रूबेन ओसेगुएरा सर्वेंटेस था। 1966 में मिचोआकान में जन्मे ओसेगेरा का शुरुआती जीवन गरीबी में बीता। 1980 के दशक में वह अवैध रूप से अमेरिका चला गया, जहां कैलिफोर्निया में वह हेरोइन तस्करी में शामिल हुआ। गिरफ्तारी और जेल की सजा काटने के बाद उसे मेक्सिको निर्वासित कर दिया गया। लौटने के बाद उसने कुछ समय स्थानीय पुलिस में भी काम किया, जिससे उसे कानून-व्यवस्था की कार्यप्रणाली की समझ मिली।
बाद में वह मिलेनियो कार्टेल से जुड़ा, जो शक्तिशाली सिनालोआ कार्टेल से संबद्ध था। 2009-11 के बीच मिलेनियो कार्टेल के विघटन के बाद उसने वफादार गुटों को संगठित कर CJNG की स्थापना की और प्रतिद्वंद्वी संगठनों के खिलाफ हिंसक अभियान छेड़ दिया।
एल मेन्चो के नेतृत्व में CJNG ने मेथामफेटामाइन, कोकीन, हेरोइन और फेंटेनाइल की अंतरराष्ट्रीय तस्करी का विशाल नेटवर्क खड़ा किया, खासकर अमेरिका में यह तस्करी नेटवर्क सक्रीय था। अधिकारियों ने इसे ओपिओइड ओवरडोज संकट में बड़ी भूमिका निभाने वाला समूह माना।
कार्टेल ने ईंधन चोरी, जबरन वसूली, अपहरण, बंधुआ श्रम और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार किया। एल मेंचो के संगठन ने अर्धसैनिक रणनीतियों का इस्तेमाल किया, बख्तरबंद वाहन, भारी हथियार से लेकर रॉकेट लांचर तक उसके अर्धसैनिक संगठन में शामिल रहे। 2015 में उसके गुर्गों ने उसे पकड़ने निकली सेना के हेलीकॉप्टर को रॉकेट से मार गिराया था। उसी वर्ष छह सप्ताह में 24 पुलिसकर्मियों की हत्या ने उसकी क्रूर छवि को और मजबूत किया।
2020 में मेक्सिको सिटी के पुलिस प्रमुखउमर गार्सिया हार्फुच पर हुए हमले के पीछे भी CJNG को जिम्मेदार ठहराया गया था।
विशेषज्ञों के अनुसार, CJNG ने जालिस्को समेत कई क्षेत्रों में राजनीतिक तंत्र पर प्रभाव बनाया था। उस पर अधिकारियों को रिश्वत देने और चुनाव अभियानों को वित्तपोषित करने के आरोप लगे। कोविड महामारी के दौरान कार्टेल ने लोगों को सहायता देने के लिए खाद्य पैकेट बांटे थे, जिस पर कार्टेल का लोगो लगा हुआ था, इसके बाद CJNG के लिए स्थानीय समर्थन और बढ़ गया।
उसकी पत्नी रोजालिंडा गोंजालेज वेलेंसिया पर वित्तीय नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप लगे, जबकि उसके बेटे रुबेन ओसेगेरा उर्फ एल मेन्चितो को 2025 में अमेरिका में ड्रग और हथियार मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
मेक्सिकन अधिकारियों के अनुसार, सैन्य अभियान के तुरंत बाद कई राज्यों में सड़क अवरोध, वाहनों में आगजनी और सशस्त्र झड़पें हुईं, जो कार्टेल की प्रतिशोधात्मक प्रतिक्रिया मानी जा रही हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि एल मेन्चो की मौत प्रतीकात्मक रूप से बड़ी जीत है, लेकिन इससे संगठन के भीतर नेतृत्व संघर्ष और हिंसा बढ़ने की आशंका भी है।
एल मेन्चो का अंत उस अपराध साम्राज्य का प्रतीकात्मक पतन है, जिसने एक दशक में वैश्विक स्तर पर भय और हिंसा का पर्याय बना लिया था।
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