आज की जीवनशैली में सभी प्रोटीन और कैल्शियम की बात करते हैं लेकिन फाइबर को नजरअंदाज कर देते हैं, ये जानते हुए भी कि ये कितना जरूरी है। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों में ही फाइबर को बहुत महत्वपूर्ण बताया गया है, क्योंकि फाइबर के बिना न तो पाचन ठीक रहता है और न ही शरीर लंबे समय तक स्वस्थ रहता है। इसीलिए इसे ‘साइलेंट हीरो’ कहा जाता है।
अब जानते हैं कि फाइबर क्या है और कहां से मिल सकता है। फाइबर पौधों से मिलने वाला वह कार्बोहाइड्रेट है जो पाचन को सरल बनाने में काम करता है और आंतों की गंदगी को शरीर से निकालने में मदद करता है।
फाइबर दो तरीके के होते हैं। पहला होता है पानी में घुलनशील, जो पानी में मिलकर रक्त में शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने का काम करता है और दूसरा होता है पानी में अघुलनशील, यानी जो मल को कठोर न बनने में मदद करता है, जिससे पेट में कब्ज नहीं बनती।
अगर शरीर में फाइबर की कमी होती है तो पेट से जुड़ी परेशानी जैसे बार-बार कब्ज और गैस बनना, खाने का सही तरीके से न पचना, वजन तेजी से बढ़ना, ब्लड शुगर का असंतुलन, कोलेस्ट्रॉल बढ़ना, थकान और सुस्ती, पाइल्स और फिशर जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं।
अब सवाल है कि फाइबर कहां से प्राप्त हो सकता है। फाइबर सभी तरह के फल और सब्जियों में पाया जाता है। इसके अलावा, चिया सीड्स, ओट्स, चना, राजमा और चोकर वाले आटे में फाइबर पाया जाता है। रोजाना फाइबर का सेवन करना जरूरी है। कम से कम 100 ग्राम फाइबर युक्त आहार जरूर लें।
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