भारत में X पर कारवाई के बाद ब्रिटेन ला रहा कानून; AI द्वारा सहमति बिना अंतरंग तस्वीरें बनाने पर लगेगी रोक

भारत में X पर कारवाई के बाद ब्रिटेन ला रहा कानून; AI द्वारा सहमति बिना अंतरंग तस्वीरें बनाने पर लगेगी रोक

Following the X crackdown in India, Britain is introducing legislation to ban AI from creating intimate images without consent.

ब्रिटेन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सरकार इस सप्ताह एक ऐसा कानून लागू करने जा रही है, जिसके तहत बिना सहमति के अंतरंग तस्वीरें (नॉन-कंसेंसुअल इंटिमेट इमेजेज) बनाने या मांगने को आपराधिक अपराध घोषित किया जाएगा। यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है, जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और उसके एआई चैटबॉट Grok पर महिलाओं की डीपफेक यौन तस्वीरें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होने को लेकर भारी आलोचना हो रही है।

12 जनवरी को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने लेबर सांसदों को संबोधित करते हुए चेतावनी दी कि यदि X अपने एआई टूल Grok के दुरुपयोग को नियंत्रित करने में विफल रहता है, तो सरकार खुद हस्तक्षेप करेगी। उन्होंने कहा,  “अगर X, Grok को नियंत्रित नहीं कर सकता, तो हम करेंगे।” इस बयान को प्लेटफॉर्म की स्व-नियमन क्षमता पर सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ब्रिटिश सरकार अब उस लंबे समय से लंबित प्रावधान को लागू करने जा रही है, जिसके तहत एआई की मदद से बिना सहमति के अंतरंग तस्वीरें बनाना या उनकी मांग करना फौजदारी अपराध होगा। यह फैसला X और Grok से जुड़े उन मामलों के बाद आया है, जिनमें महिलाओं की सहमति के बिना बनाई गई डीपफेक यौन तस्वीरें प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होती पाई गईं।

गौरतलब है कि हाल ही में भारत सरकार की सख्त चेतावनी के बाद X ने हजारों पोस्ट हटाए और 600 से अधिक अकाउंट्स सस्पेंड किए। भारतीय अधिकारियों ने चेताया था कि यदि महिलाओं की अश्लील तस्वीरें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहीं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Ofcom की जांच और नियामक दबाव

ब्रिटेन की मीडिया रेगुलेटर Ofcom ने X के खिलाफ जांच शुरू की है। आरोप है कि Grok का इस्तेमाल खासकर महिलाओं की तस्वीरों को बिना सहमति डिजिटल रूप से बदलने के लिए किया जा रहा है। यदि यह उल्लंघन साबित होता है, तो Ofcom X पर वैश्विक टर्नओवर का 10 प्रतिशत या 1.8 करोड़ पाउंड, जो भी अधिक हो, का जुर्माना लगा सकता है। गंभीर मामलों में प्लेटफॉर्म को ब्रिटेन में ब्लॉक कराने के लिए अदालत का रुख भी किया जा सकता है।

वहीं ब्रिटेन के तकनीकी मंत्री लिज़ केंडल ने Ofcom से जांच में देरी न करने और स्पष्ट समय-सीमा जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन प्रक्रिया महीनों तक नहीं खिंचनी चाहिए।

कानून को तुरंत लागू करने का फैसला

ब्रिटेन में डीपफेक अंतरंग तस्वीरें पहले से ही अवैध हैं, लेकिन जून 2025 में पारित हुआ डेटा यूज़ एंड एक्सेस एक्ट के तहत ऐसी सामग्री के निर्माण को अपराध बनाने वाला प्रावधान अब तक लागू नहीं हुआ। बढ़ते दबाव के बीच केंडल ने संसद को बताया कि इस प्रावधान को इसी सप्ताह लागू किया जाएगा और इसे ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट के तहत प्राथमिकता दी जाएगी।

केंडल ने एआई-निर्मीत ऐसी सामग्री को “दुरुपयोग के हथियार” बताया और कहा कि इन्हें होस्ट करने वाले प्लेटफॉर्म भी व्यक्तिगत अपराधियों के साथ जवाबदेह होंगे। सरकार न्यूडिफिकेशन टूल्स जैसी तकनीकों की आपूर्ति को भी अपराध की श्रेणी में लाने की तैयारी में है।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता

दौरान एलन मस्क ने आरोप लगाया कि ब्रिटिश सरकार “सेंसरशिप के लिए बहाने” तलाश रही है, लेकिन केंडल ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि यह कदम महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा से निपटने के लिए है, न कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित करने के लिए।

भारत में कार्रवाई के बाद X ने स्वीकार किया कि कंटेंट मॉडरेशन में चूक हुई थी और उसने आश्वासन दिया कि वह भारतीय कानूनों के अनुरूप काम करेगा। 2 जनवरी को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के पत्र के बाद X ने करीब 3,500 कंटेंट ब्लॉक किए और 600 से अधिक अकाउंट स्थायी रूप से हटाए। ब्रिटेन में प्रस्तावित कानून को अब एआई के दुरुपयोग पर कड़ी वैश्विक निगरानी और जवाबदेही की दिशा में एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

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