अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को खरीदने की कोशिशें विफल रही। यूरोपीय देशों के इनकार से नाराज अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है। इसके आलावा डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास को पत्र लिखकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है की, उन्हें नोबल शांति पुरस्कार नहीं मिला है, इसीलिए वह शांति के प्रयासों से हट रहे है। वही अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ग्रीनलैंड पर सैन्य कार्रवाई को भी नाकारा नहीं गया है, जिसके बाद डेनमार्क ने स्वशासित आर्कटिक द्वीप ग्रीनलैंड में अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से डेनमार्क से ग्रीनलैंड को अधिग्रहित करने की इच्छा जताते रहे हैं। उन्होंने इसके पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए कहा है कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन के प्रभाव को रोकने के लिए यह जरूरी है। हालांकि, डेनमार्क ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और यूरोप के नाटो सदस्य देशों ने कोपेनहेगन के समर्थन में एकजुटता दिखाई है।
Her ankommer yderligere soldater fra Hæren til Grønland, hvor de skal deltage i øvelsen Arctic Endurance.#dkforsvar pic.twitter.com/9Ukg8TZNRV
— Forsvaret (@forsvaretdk) January 19, 2026
सोमवार (19 जनवरी) को डेनमार्क के सैनिकों का एक नया दल ग्रीनलैंड पहुंचा। ग्रीनलैंड में डेनमार्क की जॉइंट आर्कटिक कमांड के कमांडर मेजर जनरल सोरेन एंडरसन ने स्थानीय मीडिया को बताया कि द्वीप की राजधानी नूक में कम से कम 100 सैनिक तैनात किए गए हैं, जबकि अन्य 100 सैनिक कांगेरलुस्सुआक में भेजे गए हैं। डेनमार्क की सेना के एक प्रवक्ता ने सीएनएन को बताया कि ग्रीनलैंड में सैनिकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी की जाएगी।
यह सैन्य तैनाती ‘आर्कटिक एंड्योरेंस’ अभ्यास का हिस्सा है, जिसे ट्रंप की ओर से बढ़ते दबाव के जवाब में शुरू किया गया है। इससे पहले ट्रंप यह कह चुके हैं कि यदि कोपेनहेगन सहयोग नहीं करता है तो उन्हें ग्रीनलैंड पर कठोर तरीके से नियंत्रण स्थापित करना पड़ सकता है।
डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोक्के रासमुसेन ने स्काई न्यूज को दिए एक हालिया साक्षात्कार में इन धमकियों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा, “हमारी कुछ लाल रेखाएं हैं जिन्हें पार नहीं किया जा सकता।” उन्होंने आगे कहा, “आप धमकी देकर ग्रीनलैंड के स्वामित्व तक नहीं पहुंच सकते। मेरा इस स्थिति को बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है।”
ट्रंप ने यह भी कहा है कि वह डेनमार्क, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी सहित कई यूरोपीय देशों पर नया 10 प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे और यदि 1 जून तक ग्रीनलैंड को लेकर कोई समझौता नहीं होता है तो इसे बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर देंगे। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि डेनमार्क के ग्रीनलैंड पर स्वामित्व को स्थापित करने वाले कोई लिखित दस्तावेज नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा, “मैंने नाटो की स्थापना के बाद से किसी भी व्यक्ति से ज्यादा नाटो के लिए किया है, और अब नाटो को अमेरिका के लिए कुछ करना चाहिए।”
यूरोपीय राजनेताओं और विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने किसी नाटो सदस्य देश पर हमला किया, तो इससे गठबंधन की बुनियाद ही कमजोर हो जाएगी। कोपेनहेगन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति के ग्रीनलैंड खरीदने के प्रस्ताव को औपचारिक रूप से खारिज कर चुका है।
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