अल्फाबेट से माइक्रोसॉफ्ट तक, कई वैश्विक कंपनियों के सीईओ भारतीय!

मैक्रों ने की भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव की सराहना

अल्फाबेट से माइक्रोसॉफ्ट तक, कई वैश्विक कंपनियों के सीईओ भारतीय!

From Alphabet to Microsoft, CEOs of many global companies are Indians

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मुंबई में आयोजित इंडिया-फ्रांस इनोवेशन फोरम में IBM से लेकर माइक्रोसॉफ्ट तक प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनियों का नेतृत्व कर रहे भारतीय मूल के CEO का उल्लेख करते हुए नवाचार के क्षेत्र में भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव की सराहना की। उन्होंने वैश्विक नेतृत्व में भारत के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया।

मैक्रों ने कहा, “अल्फाबेट के सीईओ भारतीय हैं। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ भारतीय हैं। IBM के सीईओ भारतीय हैं। अडोब के सीईओ भारतीय हैं। पालो आल्टो नेटवर्क्स के सीईओ भारतीय हैं। शनेल के सीईओ कोल्हापुर के हैं, इसी राज्य से… भारत केवल वैश्विक नवाचार में भागीदारी नहीं कर रहा है, बल्कि भारत उसका नेतृत्व कर रहा है।” मैक्रों के इस बयान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के चेहरे पर मुस्कान देखी गई।

मैक्रों ने कहा कि भविष्य के वैश्विक उद्योगों को आकार देने में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत की नवाचार क्षमता उसके विशाल प्रतिभा भंडार और अपनी बड़ी आबादी की सेवा के लिए विचारों को व्यवहार में लाने की क्षमता में निहित है।

भारत और फ्रांस ने मंगलवार को अपने संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया और रक्षा, व्यापार तथा महत्वपूर्ण खनिजों जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बढ़ती भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच द्विपक्षीय संबंधों को वैश्विक स्थिरता के लिए एक शक्ति बताया।

मैक्रों तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं और उन्होंने अपनी पहली यात्रा मुंबई से शुरू की। इस दौरान उनका भारत में स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मीडिया वक्तव्य में कहा, “दुनिया अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। ऐसे माहौल में भारत-फ्रांस साझेदारी वैश्विक स्थिरता की एक शक्ति है। हम फ्रांस की विशेषज्ञता और भारत के पैमाने को एक साथ ला रहे हैं।” उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध बेहद खास हैं और फ्रांस भारत के सबसे पुराने रणनीतिक साझेदारों में से एक है। यह साझेदारी केवल रणनीतिक नहीं है, बल्कि आज के अशांत दौर में वैश्विक स्थिरता और प्रगति की साझेदारी भी है।

भारत के तीन दिवसीय दौरे के लिए मंगलवार (17 फरवरी) तड़के मुंबई पहुंचे मैक्रोन के आगमन के कुछ घंटों बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता के लिए उनकी मेजबानी की। दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मीडिया बयान में कहा, “विश्व अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। ऐसे वातावरण में भारत-फ्रांस साझेदारी वैश्विक स्थिरता की एक मजबूत शक्ति है। हम फ्रांस की विशेषज्ञता और भारत की विशाल क्षमता का संयोजन कर रहे हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच “अत्यंत विशेष संबंध” हैं और फ्रांस भारत के सबसे पुराने रणनीतिक साझेदारों में से एक है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति मैक्रोन के साथ मिलकर हमने इस रणनीतिक साझेदारी को अभूतपूर्व गहराई और ऊर्जा प्रदान की है। इसी विश्वास और साझा दृष्टिकोण के आधार पर आज हम अपने संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ के रूप में स्थापित कर रहे हैं। यह साझेदारी केवल रणनीतिक नहीं है। आज के अशांत दौर में यह वैश्विक स्थिरता और वैश्विक प्रगति की साझेदारी है।”

यह भी पढ़ें:

खतरे की घंटी है हद से ज्यादा जंक फूड का सेवन, ये चीजें हैं बेहतर विकल्प
वो 6 मौके, जब T20 विश्व कप के ‘नॉकआउट’ से बाहर हुआ ऑस्ट्रेलिया
Exit mobile version