सोना 1.10 लाख पार, निवेशकों की दिवाली; कीमतों ने रचा इतिहास!

डॉलर की साख कमजोर होने, वैश्विक व्यापार युद्धों, भू-राजनीतिक तनावों और अमेरिका के बढ़ते कर्जों के कारण निवेशक सोने में भारी निवेश कर रहे हैं। 

सोना 1.10 लाख पार, निवेशकों की दिवाली; कीमतों ने रचा इतिहास!

Gold-crosses-1.10-lakh-Diwali-for-investors-prices-create-history!

सोने ने एक नया इतिहास रच दिया है। पहली बार इसकी कीमत 1.10 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के कमजोर रहने से यह रुझान जारी रह सकता है। हालांकि, विशेषज्ञ निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं क्योंकि कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव संभव है।

डॉलर की साख कमजोर होने, भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक व्यापार युद्ध और अमेरिका के बढ़ते कर्ज ने निवेशकों का रुख सोने की ओर मोड़ दिया है। यही वजह है कि घरेलू और विदेशी बाजारों में सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया।

मंगलवार को एमसीएक्स (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 458 रुपये यानी 0.41% चढ़कर 1,10,047 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं अक्टूबर डिलीवरी कॉन्ट्रैक्ट भी 482 रुपये की बढ़त के साथ 1,09,000 रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

विदेशी बाजारों में भी सोना चमक रहा है। अमेरिकी कॉमेक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 3,694.75 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

गौरतलब है कि बीते करीब 30 सालों में पहली बार वैश्विक केंद्रीय बैंकों के रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी अमेरिकी ट्रेजरी से ज्यादा हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सोना अब केंद्रीय बैंकों के विदेशी मुद्रा भंडार का 20% हिस्सा बन गया है, जबकि यूरो का हिस्सा 16% है।

अमेरिका के कमजोर रोजगार आंकड़ों ने इस संभावना को बढ़ा दिया है कि फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरों में कटौती करेगा। ब्याज दरें घटने से सोने की मांग और बढ़ जाती है क्योंकि यह निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन जाता है।

त्योहारी और शादी के सीजन में घरेलू उपभोक्ताओं को महंगे सोने का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, आर्थिक अनिश्चितता के दौर में सोना अभी भी सुरक्षित निवेश का प्रमुख साधन बना हुआ है।

यह भी पढ़ें-

 

नेपाल में प्रदर्शन का उग्र रूप: मंत्रियों और नेताओं के घरों पर हमलें!

Exit mobile version