डीसीपी शक्ति अवस्थी ने बताया कि दमकल विभाग के अलग-अलग स्टेशनों से गाड़ियों को मंगाया गया और करीब 30 गाड़ियों ने पांच अलग-अलग फैक्ट्री में लगी आग पर लगभग काबू पा लिया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या वायरिंग में खराबी बताया जा रहा है। हालांकि, सटीक कारणों का पता लगाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर जांच की जा रही है।
राहत की बात यह रही कि इस हादसे में अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं मिली है। फैक्ट्री में काम करने वाले सभी मजदूरों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी भयानक थी कि इसकी लपटें दूर से ही नजर आ रही थीं। आग लगते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने पास की करीब छह से सात फैक्ट्रियों को भी चपेट में ले लिया, जिससे भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने इलाके को खाली कराने का निर्णय लिया। आसपास के मकानों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया। दमकल विभाग के अनुसार, फैक्ट्रियों में रखे ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग बुझाने में दिक्कत आई। फायर ब्रिगेड की टीम ने लगातार मशक्कत करते हुए आग पर लगभग काबू पा लिया।
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